रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी की बैठक मंगलवार को विधानसभा सभागार में हुई। बैठक में छात्र आंदोलन, मतदाता सूची में संशोधन, खनिज कानून, विस्थापन, जातीय जनगणना और परिसीमन जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। पार्टी ने इन विषयों को लेकर आगे आंदोलन और जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति पर भी विचार किया।
छात्र आंदोलन पर सरकार के फैसले का स्वागत
बैठक में पिछले 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बाद सरकार की ओर से लिए गए फैसले पर प्रस्ताव पारित किया गया। कांग्रेस ने राहुल गांधी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्रियों और विधायकों के प्रति आभार जताया। पार्टी नेताओं ने कहा कि छात्रों की मांगों को स्वीकार किया जाना सरकार की लोकतांत्रिक संवेदनशीलता को दर्शाता है।
बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार के लिए कांग्रेस अध्ययन करेगी। इसके आधार पर सरकार को ठोस सुझाव दिए जाएंगे, ताकि आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सके।
मतदाता सूची को लेकर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं, उनकी जानकारी बूथ स्तर के कांग्रेस प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने की बात कही गई। के. राजू के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ता ऐसे मतदाताओं से संपर्क करेंगे और पात्र लोगों का नाम दोबारा मतदाता सूची में दर्ज कराने में सहयोग करेंगे।
खनिज कानून के खिलाफ आंदोलन का ऐलान
बैठक में माइंस मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन अमेंडमेंट एक्ट को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून से झारखंड के आर्थिक हित प्रभावित हो सकते हैं। पार्टी ने इसके खिलाफ राज्य में आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्टी बड़े स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित करेगी और आर्थिक नाकेबंदी जैसे कदम पर भी विचार किया जा सकता है।
विस्थापन और भूमि अधिग्रहण का मुद्दा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में लोग विभिन्न परियोजनाओं के कारण विस्थापन की समस्या से प्रभावित हुए हैं। पार्टी ने विस्थापितों के अधिकारों को लेकर सरकार के समक्ष मांग रखने की बात कही।
कांग्रेस ने 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने की मांग को भी प्रमुख मुद्दा बनाने का निर्णय लिया है।
जातीय जनगणना में OBC और सरना कोड का मुद्दा
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने जातीय जनगणना को लेकर पार्टी की चिंताएं सामने रखीं। उन्होंने कहा कि जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम का प्रावधान होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सरना धर्म कोड को भी जनगणना में शामिल किए जाने की मांग की।
पार्टी ने इन मांगों को लेकर आगे आंदोलन करने की बात कही है।
परिसीमन को लेकर कांग्रेस की चिंता
परिसीमन के संभावित प्रभावों पर भी बैठक में चर्चा हुई। कांग्रेस का कहना है कि यदि परिसीमन पूरी तरह जनसंख्या के आधार पर किया गया, तो झारखंड में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों की संख्या प्रभावित हो सकती है। पार्टी ने इस विषय पर भी राजनीतिक और जन आंदोलन की तैयारी करने की बात कही।
‘झारखंड के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी’
केशव महतो कमलेश ने कहा कि आने वाला समय राज्य और कांग्रेस दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार पर झारखंड के अधिकारों में कटौती करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।
बैठक में राजेश कच्छप, दीपिका पांडे सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, डॉ. इरफान अंसारी सहित पार्टी के कई विधायक, नेता, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी के सदस्य उपस्थित रहे।
