Ranchi Durga Puja 2026: दुर्गा पूजा को लेकर रांची जिला प्रशासन ने पूजा समितियों और आयोजकों के लिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का फोकस पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, बिजली व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है। समितियों से नियमों का पालन करने और प्रशासन व पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की गई है।
सुरक्षित जगह पर बनाना होगा पंडाल और प्रवेश द्वार
प्रशासन के निर्देश के अनुसार पूजा पंडाल और गेट का निर्माण मकानों, गैस गोदाम, ट्रांसफॉर्मर, रेलवे लाइन, बिजली के तार और हाईटेंशन लाइन से सुरक्षित दूरी पर किया जाना चाहिए।
पंडाल निर्माण में ऐसे कपड़ों या अन्य सामग्रियों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है, जिनमें आग तेजी से फैल सकती है। सिंथेटिक और आसानी से आग पकड़ने वाली सामग्री से बचने का निर्देश दिया गया है।
पंडाल की मजबूती को लेकर संबंधित भवन निर्माण विभाग के अभियंता से प्रमाण पत्र लेना भी आवश्यक होगा।
महिला और पुरुषों के लिए अलग प्रवेश-निकास
श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए महिला और पुरुषों के प्रवेश तथा निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने होंगे। गेट पर्याप्त चौड़े रखने के साथ महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था करनी होगी।
आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अलग इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था भी जरूरी होगी।
बिजली व्यवस्था में लापरवाही नहीं चलेगी
प्रशासन ने पंडालों में बिजली सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा है। वायरिंग सुरक्षित तरीके से करनी होगी और बिजली के उपकरणों के साथ-साथ धातु के ढांचे की उचित अर्थिंग करानी होगी।
बिजली नियंत्रण कक्ष ऐसी जगह बनाया जाना चाहिए, जहां जरूरत पड़ने पर बिजलीकर्मी आसानी से पहुंच सकें। पंडाल में बिजली की सजावट स्वीकृत लोड के अनुसार ही की जा सकेगी।
साथ ही, पर्याप्त क्षमता वाला जनरेटर भी रखना होगा। हालांकि जनरेटर को पंडाल से सुरक्षित दूरी पर स्थापित करना जरूरी होगा। सड़क के ऊपर से बिजली के तार ले जाने की स्थिति में उन्हें पर्याप्त ऊंचाई पर सुरक्षित तरीके से लगाया जाना होगा।
आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम
पंडाल के अंदर और आसपास अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने होंगे। इसके अलावा पानी और सूखी बालू से भरी बाल्टियों की व्यवस्था भी करनी होगी।
आयोजकों को प्राथमिक उपचार की सुविधा रखने का निर्देश दिया गया है। अग्नि सुरक्षा से संबंधित अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने के साथ आवश्यक अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र भी लेना होगा।
रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर रोक
ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी प्रशासन ने नियम स्पष्ट किए हैं। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। तेज आवाज वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल से भी बचना होगा।
पंडाल और आसपास CCTV से निगरानी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पंडाल के भीतर, बाहर और आने-जाने वाले मार्गों पर पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे लगाने होंगे। कैमरों की लगातार निगरानी की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
पंडाल के बाहर पूजा समिति के जिम्मेदार पदाधिकारियों के अलावा प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं के जरूरी मोबाइल नंबर भी प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने होंगे।
स्वयंसेवकों को पहनना होगा पहचान पत्र
पूजा समितियों को अपने स्तर पर स्वयंसेवकों की नियुक्ति करनी होगी। प्रत्येक स्वयंसेवक को पहचान पत्र देना अनिवार्य होगा। स्वयंसेवकों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है।
फूड स्टॉल और मेला क्षेत्र को पंडाल से पर्याप्त दूरी पर रखना होगा और इसके लिए सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना जरूरी होगा।
रास्तों पर अतिक्रमण न करने की अपील
प्रशासन ने दुकानदारों और पूजा समितियों से पंडाल तक आने वाले रास्तों को खुला रखने की अपील की है। किसी भी तरह का अतिक्रमण या यातायात में बाधा पैदा करने वाली व्यवस्था नहीं होनी चाहिए।
समिति के सदस्यों को श्रद्धालुओं के साथ शालीन व्यवहार करने का निर्देश दिया गया है। भीड़ के बीच पॉकेटमारी या छिनतई करते हुए किसी व्यक्ति के पकड़े जाने पर उसे कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस के हवाले करने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने से बचें
प्रशासन ने पूजा समितियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सतर्क किया है। व्हाट्सएप ग्रुप या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अफवाह, संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री साझा नहीं करने का निर्देश दिया गया है।
ऐसी किसी पोस्ट की जानकारी मिलने पर उसे आगे फैलाने के बजाय तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचित करने को कहा गया है।
तय रूट से ही होगा दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन
दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन प्रशासन द्वारा निर्धारित तारीख, समय और मार्ग के अनुसार ही किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से चिन्हित घाट का इस्तेमाल करना होगा।
विसर्जन के दौरान बड़ी गाड़ियों और बसों की छत पर लोगों के बैठने की अनुमति नहीं होगी। वाहनों पर ऊंचे झंडे या अतिरिक्त सामान लगाने को लेकर भी प्रतिबंध रहेगा। वाहन की कुल ऊंचाई 4 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए।
समितियों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील
जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि पूजा आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए समितियों, पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
