Saturday, October 17, 2026

Railway Ticket Insurance: 45 पैसे में 10 लाख का बीमा, काउंटर टिकट वालों को भी मिल सकता है लाभ.

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नई दिल्ली: ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए यात्रा दुर्घटना बीमा से जुड़ा एक अहम बदलाव चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भी कम प्रीमियम पर यात्रा बीमा की सुविधा देने की तैयारी है। अभी यह वैकल्पिक बीमा सुविधा मुख्य रूप से IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस व्यवस्था को 27 अक्टूबर 2026 तक लागू करने की समय-सीमा तय की गई है। हालांकि, काउंटर टिकट पर बीमा किस तरह उपलब्ध कराया जाएगा, प्रीमियम कैसे लिया जाएगा और आवेदन की प्रक्रिया क्या होगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत दिशा-निर्देश सामने आना जरूरी है।

ऑनलाइन और काउंटर टिकट के यात्रियों को मिल सकती है समान सुविधा

अभी ऑनलाइन रेल टिकट बुक करते समय यात्रियों को निर्धारित शर्तों के तहत वैकल्पिक यात्रा दुर्घटना बीमा चुनने का विकल्प मिलता है। रिपोर्ट में इस बीमा का प्रीमियम 45 पैसे बताया गया है और अधिकतम बीमा कवर 10 लाख रुपये तक होने का उल्लेख है।

काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए भी ऐसी सुविधा शुरू होती है, तो वे भी यात्रा के दौरान बीमा सुरक्षा का विकल्प चुन सकेंगे। इससे डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल नहीं करने वाले यात्रियों को भी लाभ मिल सकता है।

हालांकि, काउंटर टिकट के लिए 45 पैसे का प्रीमियम ही लागू होगा या कोई अलग व्यवस्था होगी, यह आधिकारिक दिशानिर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से जुड़ा है मामला

रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और बीमा सुविधा से संबंधित मुद्दे पर सुनवाई के दौरान काउंटर टिकट धारकों को भी बीमा उपलब्ध कराने का विषय उठा था। इसमें जून 2023 में ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे के बाद यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सवालों का भी संदर्भ दिया गया है।

रिपोर्ट में न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि रेलवे बोर्ड को 27 अक्टूबर 2026 तक व्यवस्था लागू करने की समय-सीमा दी गई है।

महत्वपूर्ण: अदालत के आदेश, पीठ के विवरण और समय-सीमा की पुष्टि सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश या विश्वसनीय न्यायिक रिकॉर्ड से किए बिना इन्हें अंतिम तथ्य के रूप में प्रकाशित नहीं करना चाहिए।

दुर्घटना बीमा में कितनी राशि मिल सकती है?

रिपोर्ट में ऑनलाइन रेल यात्रा बीमा के तहत अलग-अलग परिस्थितियों के लिए निम्न अधिकतम बीमा राशि का उल्लेख किया गया है:

बीमा दावे का प्रकाररिपोर्ट में बताई गई अधिकतम राशि
दुर्घटना में यात्री की मृत्यु₹10 लाख
स्थायी पूर्ण दिव्यांगता₹10 लाख
स्थायी आंशिक दिव्यांगता₹7.5 लाख तक
दुर्घटना में घायल होने पर अस्पताल का खर्च₹2 लाख तक
पार्थिव शरीर को ले जाने का खर्च₹10,000 तक

यहां ध्यान देना जरूरी है कि ये रिपोर्ट में उल्लिखित अधिकतम राशियां हैं। वास्तविक भुगतान बीमा पॉलिसी की शर्तों, दुर्घटना की परिस्थितियों और दावे की पात्रता पर निर्भर करता है। हर मामले में पूरी अधिकतम राशि मिलना जरूरी नहीं है।

काउंटर टिकट पर बीमा लेने की प्रक्रिया क्या होगी?

काउंटर टिकट के लिए बीमा सुविधा लागू होने पर यात्रियों को यह जानना होगा कि बीमा लेना वैकल्पिक होगा या किसी अन्य तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, प्रीमियम के भुगतान, नामित व्यक्ति यानी नॉमिनी का विवरण दर्ज करने और दुर्घटना की स्थिति में दावा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी स्पष्ट होनी चाहिए।

फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्ट में इन प्रक्रियाओं के बारे में अंतिम आधिकारिक दिशा-निर्देशों का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए यात्रियों को रेलवे या IRCTC की आधिकारिक घोषणा के आधार पर ही बीमा संबंधी निर्णय लेना चाहिए।

यात्रियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

यदि काउंटर टिकट पर भी यात्रा बीमा की सुविधा शुरू की जाती है, तो टिकट खरीदते समय यात्रियों को इसकी उपलब्धता और नियमों की जानकारी लेनी चाहिए। बीमा चुनने से पहले पॉलिसी की शर्तें, कवरेज की सीमा, अपवाद और दावा प्रक्रिया समझना भी जरूरी है।

बीमा से जुड़ी जानकारी के लिए रेलवे और IRCTC के आधिकारिक माध्यमों पर जारी सूचना को प्राथमिकता दें। केवल समाचार रिपोर्ट या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर बीमा की उपलब्धता और प्रीमियम को अंतिम न मानें।

निष्कर्ष: रेलवे काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए यात्रा दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराने की खबर महत्वपूर्ण है। लेकिन 45 पैसे के प्रीमियम, 10 लाख रुपये के कवर और 27 अक्टूबर 2026 की समय-सीमा की पुष्टि आधिकारिक आदेश तथा रेलवे की अधिसूचना से होने के बाद ही इसे लागू व्यवस्था के रूप में देखा जाना चाहिए।

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