रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 को लेकर झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने परीक्षा संचालन के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन रखने पर प्रतिबंध रहेगा। केवल केंद्राधीक्षक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट को मोबाइल रखने की अनुमति होगी। अन्य कर्मचारियों और परीक्षार्थियों को इस छूट के दायरे में शामिल नहीं किया गया है।
जिलों को भेजे गए निर्देशों में परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने, गोपनीय सामग्री की सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और ओएमआर शीट के सही प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर तत्काल रिपोर्ट देने और नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
गोपनीय सामग्री खोलने की प्रक्रिया की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर गोपनीय सामग्री खोलने की प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग दंडाधिकारी को अपने मोबाइल फोन से करनी होगी। वहीं, केंद्राधीक्षक को यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा केंद्र में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे ठीक से काम कर रहे हों।
केंद्राधीक्षक को अभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार प्रश्नपुस्तिकाओं, भाषा-द्वितीय की प्रश्नपुस्तिकाओं, ओएमआर शीट और रोल शीट का मिलान करना होगा। परीक्षा सामग्री के वितरण से लेकर परीक्षा समाप्त होने के बाद उसके सुरक्षित हस्तांतरण तक की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
यदि किसी अभ्यर्थी को कटी-फटी या त्रुटिपूर्ण ओएमआर शीट मिलती है, तो रिजर्व पैकेट से दूसरी खाली ओएमआर शीट उपलब्ध कराकर उसे परीक्षा में शामिल कराने की व्यवस्था करनी होगी।
इस्तेमाल और खाली ओएमआर शीट के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित
परीक्षा समाप्त होने के बाद इस्तेमाल की गई और बिना इस्तेमाल की गई ओएमआर शीट की गिनती सावधानीपूर्वक करनी होगी। इसके बाद दस्तावेजों को निर्धारित रंगों के कपड़े में अलग-अलग सीलबंद किया जाएगा।
निर्देशों के अनुसार:
- लाल रंग का कपड़ा: इस्तेमाल की गई ओएमआर शीट।
- सफेद रंग का कपड़ा: बिना इस्तेमाल की गई ओएमआर शीट।
- हरे रंग का कपड़ा: उपस्थिति पत्रक।
केंद्राधीक्षक को परीक्षा केंद्र का रजिस्टर तैयार करने, परीक्षा सामग्री का हिसाब रखने और अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
अनुपस्थित अभ्यर्थियों के कॉलम में लाल स्याही से लिखना होगा ‘Absent’
परीक्षा के दौरान वीक्षकों और सह-वीक्षकों की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट की गई हैं। उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने वाले अभ्यर्थियों का सत्यापन करना होगा और निर्धारित सीटिंग प्लान के अनुसार बैठाना होगा।
परीक्षा शुरू होने से पहले परीक्षार्थियों को आवश्यक निर्देश देने के साथ उनकी निर्धारित सीट पर प्रश्नपुस्तिका और ओएमआर शीट रखने की व्यवस्था करनी होगी। उपस्थिति पत्रक में सही जानकारी दर्ज करना भी वीक्षकों की जिम्मेदारी होगी।
जो अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं होंगे, उनके निर्धारित कॉलम में लाल स्याही से ‘Absent’ लिखना अनिवार्य होगा। इससे उपस्थिति संबंधी रिकॉर्ड तैयार करने में स्पष्टता बनी रहेगी।
कदाचार पर तत्काल कार्रवाई, 2023 के अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
JTET परीक्षा के दौरान नकल, अनुचित साधनों के इस्तेमाल या अनुशासनहीनता की घटना सामने आने पर तत्काल रिपोर्ट करनी होगी। दिशा-निर्देशों में आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने और परीक्षा से जुड़े अधिकारियों के बीच समय पर सूचना साझा करने की प्रक्रिया भी शामिल है।
परीक्षा केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी के साथ औचक निरीक्षण की व्यवस्था भी रहेगी। कदाचार करते पकड़े जाने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर
JAC की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को व्यवस्थित, पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखना है। मोबाइल फोन पर प्रतिबंध, सीसीटीवी की निगरानी, गोपनीय सामग्री की वीडियो रिकॉर्डिंग और ओएमआर शीट के सुरक्षित रखरखाव जैसे प्रावधानों के जरिए परीक्षा संचालन में लापरवाही और अनियमितताओं को रोकने पर जोर दिया गया है।
JTET 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से पहले जारी आधिकारिक निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और केंद्र पर निर्धारित नियमों का पालन करें।
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