Hazaribagh News, 5 November 2026: हजारीबाग जिले के बड़कागांव और केरेडारी क्षेत्र में NTPC की चट्टी बरियातु कोल खनन परियोजना को लेकर विवाद सामने आया है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का आरोप है कि खनन परियोजना के लिए रास्ता बनाने के दौरान करीब 12.75 करोड़ रुपये की लागत से बन रही एक जलमीनार को विस्फोट कर ध्वस्त कर दिया गया। विभाग के अनुसार, इस घटना में मुख्य पाइपलाइन और आसपास की 16 अन्य ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे करीब 5 हजार ग्रामीण पेयजल सुविधा से प्रभावित हुए हैं।
95 प्रतिशत पूरा हो चुका था जलमीनार का निर्माण
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बड़कागांव और केरेडारी क्षेत्र में पचड़ा-जोरदाग ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत करीब 12.75 करोड़ रुपये की लागत से जलमीनार का निर्माण कराया जा रहा था। इसका लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था और इसे जल्द चालू किए जाने की तैयारी थी।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का आरोप है कि NTPC ने चट्टी बरियातु कोल खनन परियोजना के लिए रास्ता बनाने के उद्देश्य से बिना विभागीय अनुमति या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के जलमीनार को ध्वस्त कर दिया। इससे जलमीनार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। साथ ही मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन और आसपास की करीब 16 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।
नुकसान के आकलन के लिए उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित
घटना को गंभीरता से लेते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने नुकसान का आकलन करने के लिए उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी में मुख्य अभियंता अनिल प्रसाद समेत अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है।
कमेटी को घटनास्थल का निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर नुकसान और आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने जतायी नाराजगी
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने घटना पर नाराजगी जतायी है। मंत्री के अनुसार, इस मामले में सरकारी संपत्ति को करीब 25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
विभाग की ओर से केरेडारी थाने में NTPC के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और विभागीय रिपोर्ट के आधार पर होगी।
जलापूर्ति योजना पूरी कराने और क्षतिपूर्ति वसूलने का निर्देश
मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने स्पष्ट किया है कि पचड़ा-जोरदाग ग्रामीण जलापूर्ति योजना को हर हाल में पूरा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलमीनार, पाइपलाइन और अन्य सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान की पूरी क्षतिपूर्ति NTPC से वसूली जाएगी।
इस घटना के बाद बड़कागांव और केरेडारी क्षेत्र के प्रभावित ग्रामीणों के सामने पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है। अब जांच कमेटी की रिपोर्ट और जलापूर्ति व्यवस्था बहाल करने के लिए विभाग की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर लोगों की नजर है।
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