Patna News, 5 November 2026: भारत में जलमार्ग पर्यटन को बढ़ावा देने और देश के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों से विदेशी पर्यटकों को परिचित कराने के उद्देश्य से संचालित रिवर क्रूज ‘गंगा विलास’ गुरुवार को पटना से कोलकाता के लिए रवाना हो गया। बुधवार को वाराणसी से 17 विदेशी पर्यटकों को लेकर पटना पहुंचा यह आलीशान क्रूज गुरुवार दोपहर पर्यटकों के साथ गंगा के रास्ते आगे बढ़ा।
27 नदियों और नदी प्रणालियों से होकर गुजरता है क्रूज
गंगा विलास क्रूज लगभग 3,200 किलोमीटर की यात्रा के दौरान गंगा, ब्रह्मपुत्र, पद्मा और हुगली समेत 27 छोटी-बड़ी नदियों एवं नदी प्रणालियों से होकर गुजरता है। इसका निर्धारित लंबा रूट वाराणसी से बांग्लादेश होते हुए असम के डिब्रूगढ़ तक जाता है।
भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के एक पदाधिकारी के अनुसार, गंगा विलास दुनिया के उन रिवर क्रूज में शामिल है, जो सबसे अधिक नदियों के जलमार्ग से होकर लंबी दूरी तय करते हैं। कोलकाता और वाराणसी के बीच भी इस क्रूज का परिचालन जारी रहेगा।
क्रूज में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
36 पर्यटकों की क्षमता वाले गंगा विलास में आरामदायक 18 कमरे बनाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए बालकनी, सन डेक, जिम और रेस्टोरेंट समेत कई सुविधाएं उपलब्ध हैं।
पटना में क्रूज गायघाट स्थित आईडब्ल्यूएआई बंदरगाह के पास से आगे बढ़ा। इस दौरान मीतन घाट, नौजर घाट और महावीर घाट के आसपास से गुजरते हुए यह कोलकाता की ओर रवाना हुआ।
जेपी गंगा पथ से लोगों ने कैमरे में कैद किया नजारा
पटना के घाटों के पास से गुजरता सफेद रंग का विशाल गंगा विलास स्थानीय लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। क्रूज की छत पर बने सन डेक पर विदेशी पर्यटक नजर आए। वहीं, जेपी गंगा पथ से आने-जाने वाले कई लोगों ने रुककर इस आकर्षक जहाज की तस्वीरें अपने कैमरों में कैद कीं।
भारत के नदी मार्गों के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में गंगा विलास क्रूज को एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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