नोवामुंडी, पश्चिमी सिंहभूम | 12 अक्टूबर 2026: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में रोजगार को लेकर सेल प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। सारंडा पीठ के 12 गांवों के ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार देने के आश्वासन के बावजूद अब तक सभी लोगों को काम नहीं मिला है। इस मुद्दे पर सोमवार को मनकी-मुंडा और क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने सेल के जनरल ऑफिस पहुंचकर प्रबंधन के साथ बातचीत की। हालांकि, वार्ता से संतुष्ट नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है।
26 अक्टूबर को सेल कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना
ग्रामीणों ने घोषणा की है कि आगामी 26 अक्टूबर 2026 को सेल कार्यालय के मुख्य द्वार के समीप एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस आंदोलन में मनकी-मुंडा और श्रमिक संघ संयुक्त रूप से शामिल होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार से संबंधित मांगों को लेकर वे लगातार अपनी बात प्रबंधन के सामने रख रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं मिला है। सोमवार को हुई वार्ता भी उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, जिसके बाद आंदोलन की घोषणा की गई।
50 लोगों को रोजगार देने का मिला था आश्वासन
ग्रामीणों के मुताबिक, पूर्व में जगन्नाथपुर के अनुमंडल पदाधिकारी के साथ हुई वार्ता के दौरान 50 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि अब तक इनमें से केवल 12 लोगों को ही काम मिल पाया है।
उनके अनुसार, शेष 38 लोगों को रोजगार से जोड़ने के मामले में लगातार देरी हो रही है। इसी वजह से क्षेत्र के लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
रोजगार से जुड़ी स्थिति
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| रोजगार देने का आश्वासन | 50 लोग |
| अब तक रोजगार पाने वाले | 12 लोग |
| रोजगार मिलने का इंतजार कर रहे | 38 लोग |
यह आंकड़ा ग्रामीणों की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है।
मांग पूरी नहीं होने पर खदान बंद करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने सेल प्रबंधन से शेष 38 लोगों को जल्द रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आश्वासन पर अमल नहीं किया गया, तो वे खदान बंद करने जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने इस संभावित स्थिति की जिम्मेदारी सेल प्रबंधन पर डालते हुए कहा कि रोजगार के मुद्दे का जल्द समाधान किया जाना चाहिए। फिलहाल यह ग्रामीणों की ओर से दी गई चेतावनी है; खदान बंद करने को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह स्पष्ट नहीं है।
वार्ता में मनकी-मुंडा और कई ग्रामीण रहे मौजूद
सेल के जनरल ऑफिस में हुई बातचीत के दौरान क्षेत्र के कई ग्रामीण और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें कांडे चम्पिया (मुंडा), चरण चम्पिया (मुंडा), नंदलाल सुरीन (मुंडा), मांगता सुरीन, महेश गोप, लंका पूर्ति, सोमा चम्पिया, लालू चम्पिया, मधु सिद्धू, राहुल हैबरू, धुलाल चम्पिया और गुलियान चम्पिया सहित अन्य लोग शामिल थे।
बैठक में ग्रामीणों ने रोजगार की मांग को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि जब तक इस मामले में ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक वे अपनी मांग को लेकर एकजुट रहेंगे।
सेल प्रबंधन के रुख पर टिकी नजरें
रोजगार के मुद्दे पर ग्रामीणों और सेल प्रबंधन के बीच बढ़ते असंतोष के बीच अब 26 अक्टूबर को प्रस्तावित धरना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि पूर्व में दिए गए आश्वासन को पूरा करते हुए शेष लोगों को रोजगार से जोड़ा जाए।
अब देखना होगा कि धरना-प्रदर्शन से पहले प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच कोई सहमति बनती है या नहीं। फिलहाल ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी शुरू करने की बात कही है।
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