Monday, October 12, 2026

पटना में KYP सेंटर संचालकों का जोरदार प्रदर्शन, 1731 केंद्र पुराने मॉडल पर चालू करने की मांग; नियोजन भवन के बाहर नारेबाजी.

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Patna News Today | पटना, बिहार | 12 अक्टूबर 2026 बिहार की राजधानी पटना में कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) के केंद्र संचालकों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। राज्य के अलग-अलग जिलों से पहुंचे संचालकों ने नियोजन भवन के बाहर नारेबाजी करते हुए 1731 KYP केंद्रों को पुराने स्वरूप में दोबारा चालू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को इनकम टैक्स चौराहे से हटाया गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केंद्रों को लेकर लागू की जा रही नई व्यवस्था से उनकी समस्याएं बढ़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले हुई बैठक में केंद्रों को फिर से चालू करने पर सहमति बनने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

नियोजन भवन के बाहर जुटे KYP सेंटर संचालक

सोमवार को पटना स्थित नियोजन भवन के बाहर बड़ी संख्या में KYP केंद्र संचालक एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और केंद्रों को पुराने मॉडल के तहत दोबारा शुरू करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कुछ संचालकों ने नियोजन भवन का गेट खोलने का प्रयास भी किया। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची। वहीं, इनकम टैक्स चौराहे पर जुटे प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कार्रवाई की गई।

प्रदर्शनकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में नारे लगाए और मौजूदा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए और प्रशिक्षण केंद्रों के भविष्य को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए।

1731 KYP केंद्रों को पुराने स्वरूप में चालू करने की मांग

KYP केंद्र संचालकों की सबसे प्रमुख मांग बिहार में पहले से संचालित 1731 केंद्रों को पुराने मॉडल के तहत दोबारा शुरू करने की है।

संचालकों का आरोप है कि नई व्यवस्था लागू किए जाने से पुराने केंद्रों के संचालन पर असर पड़ा है। उनका कहना है कि केंद्रों को बंद रखने के बजाय पहले से स्थापित व्यवस्था को बहाल करने पर विचार किया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, उनकी मांग केवल केंद्र संचालकों के हितों तक सीमित नहीं है। इससे बिहार के उन युवाओं का प्रशिक्षण भी जुड़ा है, जो कुशल युवा कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न कौशल सीखने की उम्मीद रखते हैं।

हालांकि, केंद्रों को फिर से खोलने की प्रक्रिया, नई व्यवस्था की शर्तों और विभाग के प्रस्तावित निर्णय की आधिकारिक जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।

तीन दिनों से जारी है आंदोलन

प्रदर्शन कर रहे संचालकों का दावा है कि वे पिछले तीन दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इससे पहले भी वे भाजपा और जदयू कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।

संचालकों का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन अब तक उन्हें ऐसा समाधान नहीं मिला है जिससे केंद्रों के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

उनकी मांग है कि विभाग संचालकों के साथ बातचीत करे और केंद्रों को दोबारा शुरू करने के संबंध में ठोस निर्णय ले।

बैठक में सहमति बनने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

KYP संचालकों ने दावा किया कि दो तारीख को हुई एक बैठक में 1731 केंद्रों को फिर से चालू करने पर सहमति बनी थी। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इसके बाद भी केंद्रों को शुरू करने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए।

उन्होंने नई निविदा प्रक्रिया और कार्यक्रम के नए मॉडल पर भी सवाल उठाए हैं। संचालकों का कहना है कि इस मामले में स्पष्टता होनी चाहिए, ताकि उन्हें यह पता चल सके कि आगे केंद्रों का संचालन किस व्यवस्था के तहत किया जाएगा।

महत्वपूर्ण: बैठक की तारीख, उसमें हुई चर्चा और कथित सहमति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है। इस मामले में संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

करीब तीन लाख बच्चों के प्रशिक्षण पर असर का दावा

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुशल युवा कार्यक्रम के तहत युवाओं को कंप्यूटर, भाषा और सॉफ्ट स्किल जैसे विषयों में प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। उनके मुताबिक, करीब तीन लाख बच्चे प्रशिक्षण शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

संचालकों ने चिंता जताई कि केंद्रों के संचालन को लेकर अनिश्चितता बनी रहने से युवाओं के कौशल विकास पर असर पड़ सकता है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उपयोगी हो सकते हैं।

हालांकि, तीन लाख बच्चों की संख्या और वर्तमान में प्रशिक्षण की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में विभागीय आंकड़े सामने आने पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस ने संभाली स्थिति, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

नियोजन भवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई। रिपोर्ट के अनुसार, कोतवाली थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची और इनकम टैक्स चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाया गया।

संचालकों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, वे आंदोलन जारी रखेंगे। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और 1731 KYP केंद्रों के संचालन को लेकर कोई नया निर्णय कब तक सामने आता है।

युवाओं के कौशल प्रशिक्षण पर टिकी निगाहें

KYP केंद्रों के संचालन का मुद्दा संचालकों के साथ-साथ प्रशिक्षण की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। केंद्रों को दोबारा शुरू करने की मांग पर सरकार और संबंधित विभाग का निर्णय आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

फिलहाल पटना में प्रदर्शन के बीच संचालक अपनी मांगों पर अड़े हैं और विभागीय कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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