पटना, बिहार | 12 अक्टूबर 2026: बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता राशि जारी की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से करीब 1.60 लाख परिवारों के बैंक खातों में कुल 112.14 करोड़ रुपये भेजे। यह राशि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को अनुग्रह अनुदान के रूप में दी गई है।
सरकार का उद्देश्य बाढ़ के कारण आर्थिक और घरेलू नुकसान झेल रहे परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना है। ऐसे में पात्र परिवारों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक खाते में राशि आने की स्थिति की जांच कर लें।
Bihar Flood Relief: प्रत्येक परिवार को कितनी राशि मिली?
राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनुग्रह अनुदान के तहत सहायता दी गई है। रिपोर्ट में प्रति परिवार 7,000 रुपये की सहायता का उल्लेख है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सहायता का उद्देश्य | बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत |
| लाभार्थी परिवार | लगभग 1.60 लाख |
| प्रति परिवार सहायता | 7,000 रुपये |
| कुल जारी राशि | 112.14 करोड़ रुपये |
| भुगतान का माध्यम | DBT के जरिए बैंक खाते में |
| भुगतान की तारीख | 12 अक्टूबर 2026 |
ध्यान दें: लाभार्थियों की संख्या, प्रति परिवार सहायता और कुल राशि के आंकड़ों में मामूली अंतर हो सकता है। इसलिए वास्तविक भुगतान और पात्रता की पुष्टि संबंधित सरकारी सूचना या जिला प्रशासन से करना उचित होगा।
बैंक खाते में पैसे आए या नहीं, ऐसे करें जांच
जिन परिवारों को बाढ़ राहत राशि के लिए पात्र माना गया है, वे अपने बैंक खाते में भुगतान की स्थिति की जांच कर सकते हैं।
- बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए SMS की जांच करें।
- बैंक पासबुक अपडेट कराकर लेनदेन की जानकारी लें।
- एटीएम या बैंक की आधिकारिक डिजिटल बैंकिंग सुविधा से बैलेंस और लेनदेन देखें।
- राशि नहीं आने पर संबंधित प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय या जिला प्रशासन से संपर्क करें।
यदि पात्र होने के बावजूद सहायता राशि नहीं मिली है, तो लाभार्थी अपने आवेदन और बैंक खाते से संबंधित विवरण के साथ संबंधित अधिकारी से जानकारी मांग सकते हैं। किसी अनजान व्यक्ति को बैंक OTP, PIN या पासवर्ड न बताएं।
छूटे हुए पात्र परिवारों की सूची तैयार करने का निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया है कि बाढ़ से प्रभावित कोई भी पात्र परिवार सहायता से वंचित न रहे।
रिपोर्ट के अनुसार, यदि किसी जिले में ऐसे परिवारों की पहचान होती है जिन्हें अभी तक सहायता नहीं मिली है, तो उनकी सूची तैयार कर जल्द भेजने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि छूटे हुए पात्र परिवारों तक भी राहत पहुंचाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रक्रिया में जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि प्रभावित परिवारों की पहचान और पात्रता संबंधी विवरण के आधार पर ही सहायता का भुगतान किया जाता है।
14 अक्टूबर को किसानों को मिलेगा कृषि इनपुट अनुदान
बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी बिहार सरकार ने सहायता देने की घोषणा की है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने 14 अक्टूबर 2026 को बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए कृषि इनपुट अनुदान जारी करने की बात कही है।
इस सहायता का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा के कारण फसल नुकसान झेलने वाले पात्र किसानों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है। किसानों को भुगतान, पात्रता और आवेदन की स्थिति से संबंधित जानकारी के लिए कृषि विभाग या अपने जिले के संबंधित कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।
दीपावली से पहले क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत का लक्ष्य
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में जनजीवन सामान्य करने के लिए सरकार ने बुनियादी सुविधाओं की मरम्मत पर भी जोर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, दीपावली से पहले क्षतिग्रस्त रास्तों, पुल-पुलियों और अन्य जरूरी संरचनाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
बाढ़ के बाद सड़कों और संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक जरूरतों से जुड़ी गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। मरम्मत कार्य पूरा होने से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
गंगा और अन्य नदियों की बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गंगा, गंडक, कोसी, बागमती और बलान जैसी नदियों में जलस्तर बढ़ने से बिहार के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। करीब 55 लाख लोगों के प्रभावित होने का आंकड़ा भी रिपोर्ट में दिया गया है।
भागलपुर जिले के नवगछिया क्षेत्र में गंगा नदी के कटाव से मकानों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी गई है। ऐसे इलाकों में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, राहत और बचाव कार्यों की जरूरत बनी हुई है।
हालांकि, प्रभावित आबादी के आंकड़े और विभिन्न क्षेत्रों में नुकसान की ताजा स्थिति की पुष्टि आधिकारिक आपदा प्रबंधन रिपोर्ट से की जानी चाहिए।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए जरूरी जानकारी
बिहार सरकार की इस सहायता का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलना है जो निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र पाए गए हैं। इसलिए केवल खबर के आधार पर हर परिवार के खाते में राशि आने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
यदि आपके परिवार को बाढ़ से नुकसान हुआ है और अभी तक भुगतान नहीं मिला है, तो संबंधित अंचल या प्रखंड कार्यालय से लाभार्थी सूची और भुगतान की स्थिति की जानकारी लें। बैंक खाते की जांच करने के साथ अपने दस्तावेज भी सुरक्षित रखें।
बिहार सरकार ने रिपोर्ट के मुताबिक 1.60 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 112.14 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी की है। साथ ही, छूटे हुए पात्र परिवारों की पहचान, किसानों को कृषि इनपुट अनुदान और बाढ़ से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
BHARAT SUPERFAST NEWS
