लातेहार: करम पर्व की पूर्व संध्या पर उपायुक्त संदीप कुमार ने जिले के लोगों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने करम पर्व को प्रकृति, भाई-बहन के रिश्ते और पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार बताया।
उपायुक्त ने कहा कि करम पर्व के माध्यम से प्रकृति के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण का संदेश मिलता है। प्रकृति की पूजा की परंपरा लोगों को पर्यावरण के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की प्रेरणा देती है।
झारखंड की संस्कृति और परंपरा का पर्व
संदीप कुमार ने कहा कि झारखंड की पहचान यहां की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, खान-पान और लोकनृत्यों के साथ-साथ प्रकृति से गहरे जुड़ाव से भी है। यहां के लोग अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि करम पर्व भाई-बहन के स्नेह और पारिवारिक रिश्तों की मजबूती का भी प्रतीक है। इस पर्व के जरिए सामाजिक एकजुटता और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिलता है।
शांति और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील
उपायुक्त ने जिलेवासियों से करम पर्व को आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करने और बिना पुष्टि के उसे आगे प्रसारित नहीं करने को कहा।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पर्व के दौरान जिले में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रशासन की ओर से लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की गई है।
