रांची: झारखंड में JSSC और JPSC की परीक्षाओं को लेकर उठे विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा रद्द कर देने से कथित अनियमितताओं की पूरी सच्चाई सामने नहीं आएगी। मरांडी ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि परीक्षा से जुड़े छात्रों की चिंताओं को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। उनके मुताबिक, यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है, तो उसके पीछे शामिल लोगों और पूरे नेटवर्क की पहचान के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
CID जांच को लेकर भी सवाल
बाबूलाल मरांडी ने राज्य की CID जांच पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि CID की ओर से हाईकोर्ट में यह जानकारी दी जा चुकी है कि नौकरियों की कथित खरीद-बिक्री से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसी आधार पर उन्होंने राज्य की जांच एजेंसी की जांच प्रक्रिया पर भरोसे को लेकर सवाल खड़े किए।
मरांडी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए CBI को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
छात्रों को दूसरे राज्यों और होटलों में ले जाने का दावा
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कुछ छात्रों को नेपाल, पश्चिम बंगाल के नेमतपुर और झारखंड के अलग-अलग होटलों में ले जाकर परीक्षा से जुड़े सवालों की तैयारी कराई गई थी। उन्होंने कहा कि यदि इन दावों में सच्चाई है तो यह गंभीर विषय है और इसकी पूरी जांच कराकर जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जाना चाहिए।
इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
JSSC चेयरमैन पर भी निशाना
बाबूलाल मरांडी ने JSSC के चेयरमैन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चेयरमैन वर्ष 2024 से पद पर हैं, लेकिन उनके खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।
मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों और बिचौलियों को संरक्षण दे रही है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी लगाए आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने नौकरी और परीक्षा से जुड़े विवाद में कांग्रेस की कथित भूमिका पर सवाल उठाए और राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर भी टिप्पणी की।
हालांकि, कांग्रेस या राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले में जांच एजेंसियों और संबंधित संस्थाओं की ओर से सामने आने वाले तथ्यों पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
