Saturday, September 12, 2026

JSSC CGL जांच में बड़ा अपडेट, चार और सफल अभ्यर्थियों को CID का नोटिस; रांची में होगी पूछताछ.

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गिरिडीह: JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने अब अपनी पड़ताल का दायरा और बढ़ा दिया है। जांच के क्रम में परीक्षा में सफल चार अन्य अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए रांची बुलाया गया है। बेंगाबाद पुलिस के माध्यम से संबंधित अभ्यर्थियों तक नोटिस पहुंचाया गया है।

बताया गया है कि नोटिस ताराटांड़ पंचायत के बड़ियाबाद, मोतीलेदा पंचायत के सिजुआ, बदवारा पंचायत के मुरगुमी समेत एक अन्य सफल अभ्यर्थी को दिया गया है। CID इन अभ्यर्थियों से परीक्षा से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूछताछ करेगी।

सफल अभ्यर्थियों को नोटिस मिलने से बढ़ी हलचल

JSSC CGL के सफल अभ्यर्थियों को लगातार नोटिस मिलने के बाद बेंगाबाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। संबंधित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में भी चिंता का माहौल बताया जा रहा है।

हालांकि, केवल CID का नोटिस मिलना किसी अभ्यर्थी के खिलाफ आरोप या उसकी संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। जांच एजेंसी किसी मामले से जुड़े संभावित तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है।

विकास पांडेय और समीर से पहले हो चुकी है पूछताछ

इस मामले में CID पहले भी कुछ लोगों से पूछताछ कर चुकी है। बदवारा पंचायत के हथबोर गांव निवासी सहायक शिक्षक विकास पांडेय को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। उन्हें कथित तौर पर इस मामले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी का ससुर बताया गया है।

इसके अलावा रांची में एएसओ के पद पर कार्यरत समीर कुमार उर्फ सालू से भी जांच एजेंसी ने पूछताछ की थी। जानकारी के अनुसार, उसे बेंगाबाद स्थित उसके मिष्टान्न भंडार से हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के बाद उसे जेल भेजे जाने की बात सामने आई है।

27 अगस्त को हुई थी कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, 27 अगस्त को रांची से पहुंची CID की टीम ने बेंगाबाद में कार्रवाई की थी। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से एक मिष्टान्न भंडार में छापेमारी कर समीर उर्फ सालू को हिरासत में लिया था।

बताया गया कि CGL परीक्षा में चयन के बाद समीर की नियुक्ति रांची में सहायक अनुभाग पदाधिकारी (ASO) के तौर पर हुई थी। रक्षाबंधन के दौरान छुट्टी पर वह बेंगाबाद आया हुआ था।

कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने उसके घर से परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी अपने कब्जे में लिए थे। इन उपकरणों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।

तकनीकी भूमिका को लेकर भी जांच

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, समीर कुमार उर्फ सालू पहले TCS में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम कर चुका था। प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन से जुड़े तकनीकी अनुभव के कारण परीक्षा एजेंसी से संबंधित तकनीकी गतिविधियों में उसकी भूमिका को लेकर जांच की जा रही है।

सूत्रों का दावा है कि परीक्षा एजेंसी को तकनीकी स्तर पर सहयोग देने के लिए बनाई गई टीम में भी समीर की भूमिका रही थी। इसी संदर्भ में उस पर परीक्षा की कथित सेटिंग और तकनीकी जानकारी का दुरुपयोग करने के आरोपों की जांच की जा रही है।

यह भी आरोप सामने आया है कि तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर उसने स्वयं परीक्षा दी और बेहतर रैंक हासिल करते हुए ASO पद के लिए चयन प्राप्त किया।

CID जुटा रही है इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्य

पूरे मामले में CID विभिन्न लोगों से पूछताछ के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। चार नए अभ्यर्थियों को नोटिस जारी होने के बाद जांच का दायरा और विस्तृत होने के संकेत मिल रहे हैं।

फिलहाल सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। CID पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।

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