Thursday, September 10, 2026

JPSC मामले में बाबूलाल मरांडी का बड़ा आरोप, CID जांच की निष्पक्षता पर उठाए सवाल.

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रांची: झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर CID की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मामले की जांच CBI से कराने की मांग की है।

बाबूलाल मरांडी का कहना है कि JPSC प्रकरण की जांच फिलहाल CID कर रही है, जबकि इसी मामले से संबंधित इंटरव्यू बोर्ड में CID के ADG भी शामिल रहे थे। इसी आधार पर उन्होंने जांच की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया है।

CID के ADG को लेकर क्या बोले मरांडी?

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि CID के ADG पर कोयला चोरी सहित भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि ऐसे आरोपों की मौजूदगी में उसी अधिकारी से जुड़े मामले की जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मरांडी ने कहा कि JPSC से जुड़े पूरे मामले की जांच किसी ऐसी स्वतंत्र एजेंसी से होनी चाहिए, जिससे जांच की विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठे।

JPSC-JSSC की जांच CBI से कराने की मांग

बाबूलाल मरांडी ने JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच CBI से कराने की मांग दोहराई। उनके मुताबिक केंद्रीय एजेंसी की जांच होने पर मामले के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत पड़ताल संभव होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि जांच में यह सामने आना चाहिए कि कथित परीक्षा धांधली से किन लोगों को फायदा पहुंचा और इसमें उनकी मदद करने वाले लोग कौन थे।

नौकरी पाने वालों और मददगारों की हो पहचान

मरांडी ने कहा कि जांच का दायरा केवल परीक्षा में हुई कथित अनियमितता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जांच एजेंसी को यह भी पता लगाना चाहिए कि यदि किसी ने गलत तरीके से नौकरी हासिल की है, तो उसके पीछे कौन लोग थे और पूरी प्रक्रिया में किस स्तर पर मदद की गई।

उन्होंने JPSC-JSSC से संबंधित मामलों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जरूरत बताई है। उनका कहना है कि इससे कथित गड़बड़ी में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी और मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

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