Monday, August 10, 2026

JPSC-JSSC विवाद पर BJP का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, बाबूलाल और आदित्य साहू ने CBI जांच की मांग दोहराई.

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रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन ने सोमवार को राजनीतिक रूप ले लिया। विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने छात्रों की मांगों पर सरकार से ठोस कदम उठाने और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों की सीबीआई जांच कराने की मांग की।

भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात कर छात्रों की समस्याएं रखने पहुंचे नेताओं को आवास के बाहर रोक दिया गया और बाद में हिरासत में लेकर खेलगांव स्थित कैंप जेल भेज दिया गया।

आदित्य साहू बोले- छात्रों की मांगों पर सरकार गंभीर नहीं

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने दावा किया कि छात्र पिछले 17 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रतिनिधिमंडल छात्रों का पक्ष मुख्यमंत्री के सामने रखने के लिए उनके आवास पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने नेताओं को बाहर ही रोक दिया।

इसके बाद भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना दिया। आदित्य साहू ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखना किसी भी नागरिक का अधिकार है।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमला

आदित्य साहू ने विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान पहले छात्रों को बारिश से बचने के लिए टेंट लगाने से रोका गया, इसके बाद वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसे सरकार का दमनात्मक रवैया बताते हुए कहा कि पार्टी छात्रों की आवाज उठाती रहेगी।

कई भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग

भाजपा ने JPSC और JSSC से जुड़ी कई भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है। पार्टी नेताओं ने JPSC, JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही, शिक्षक नियुक्ति समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों का उल्लेख किया।

आदित्य साहू ने कहा कि इन विवादों का असर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ा है। उन्होंने सरकार से मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

CBI जांच नहीं तो CM के इस्तीफे की मांग

आदित्य साहू ने कहा कि यदि सरकार को भर्ती परीक्षाओं की जांच पर भरोसा है तो उसे सीबीआई जांच की अनुशंसा करने में आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार यदि इस मांग पर फैसला नहीं करती है तो मुख्यमंत्री को पद छोड़ देना चाहिए।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि छात्रों की मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में भाजपा अपना आंदोलन और व्यापक करेगी।

बाबूलाल मरांडी ने भी CBI जांच पर दिया जोर

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि छात्र लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार बातचीत के नाम पर उन्हें आश्वासन दे रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने के बावजूद सरकार ने अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई।

मरांडी के मुताबिक, भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहता था, लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री आवास के बाहर रोक दिया गया।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर उठाए सवाल

बाबूलाल मरांडी ने JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर सरकार पर पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले ग्रामीण, गरीब और वंचित वर्ग के युवाओं पर ऐसे विवादों का सबसे ज्यादा असर पड़ता है।

उन्होंने JPSC, JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही, माध्यमिक शिक्षक नियुक्ति और अन्य विवादित भर्ती प्रक्रियाओं की जांच की मांग की।

अदालत की निगरानी में जांच का प्रस्ताव

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। उनके अनुसार, जांच के जरिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि अनियमितताओं के लिए कौन जिम्मेदार है और अभ्यर्थियों को किस तरह न्याय दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाती रहेगी।

विधायकों की हिरासत पर भी भाजपा ने जताई आपत्ति

भाजपा नेताओं ने विधानसभा सत्र के दौरान पार्टी के कुछ नेताओं और विधायकों को हिरासत में लिए जाने पर भी सवाल उठाए। प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी और मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि विपक्षी नेताओं को छात्रों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से बातचीत करने से रोकना उचित नहीं है।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे, भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच और छात्रों की मांगों के समाधान को लेकर नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़े पोस्टर और बैनर भी थे।

भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक पार्टी इस मुद्दे को आगे उठाती रहेगी।

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