Tuesday, October 6, 2026

JPSC-JSSC विवाद पर बाबूलाल मरांडी का सरकार से सवाल, परीक्षा रद्द करने का Memo कोर्ट में कब होगा दाखिल?

Share

रांची, 6 अक्टूबर 2026: JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यदि परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया है, तो इसके आधार और संबंधित दस्तावेज न्यायालय के सामने भी रखे जाने चाहिए।

बाबूलाल मरांडी ने खास तौर पर Cancellation Memo कोर्ट में दाखिल किए जाने की समयसीमा को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।

CID जांच पर भी उठाए सवाल

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JPSC-JSSC मामले में चल रही CID जांच को लेकर छात्रों के बीच अभी भी कई सवाल हैं। उनके मुताबिक जांच के दौरान कुछ गंभीर तथ्य सामने आने के बावजूद कार्रवाई की गति को लेकर संतोष नहीं है।

उन्होंने कुछ व्यक्तियों की भूमिका और कथित लेनदेन से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए जांच को आगे बढ़ाने की मांग की।

परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जांच में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि पूरी प्रक्रिया को लेकर संदेह या अनियमितता के तथ्य सामने आए हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

हालांकि, ये आरोप बाबूलाल मरांडी की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

‘Cancellation Memo कोर्ट में कब?’

बाबूलाल मरांडी के मुताबिक सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। ऐसे में अब सबसे अहम सवाल यह है कि परीक्षा रद्द करने से संबंधित Cancellation Memo न्यायालय में कब दाखिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार के पास परीक्षा रद्द करने के ठोस कारण, जांच से जुड़े निष्कर्ष और साक्ष्य हैं तो उन्हें अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

छात्रों की मांग पर सरकार से अमल की अपील

बाबूलाल ने कहा कि परीक्षा विवाद को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के आश्वासन के बाद अपना आंदोलन स्थगित किया है। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह दिए गए आश्वासन को पूरा करे।

उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा रद्द करने का निर्णय बताना पर्याप्त नहीं होगा। निर्णय के पीछे मौजूद आधार और संबंधित साक्ष्यों को भी न्यायालय के सामने मजबूती से रखना जरूरी है।

देरी पर जताई चिंता

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह मामला हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा है। इसलिए जांच, कार्रवाई और न्यायालय में आवश्यक दस्तावेज दाखिल करने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने सरकार से मामले में स्पष्टता लाने और छात्रों की मांगों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने की मांग की।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News