रांची: JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जारी छात्र आंदोलन के बीच गुरुवार को आंदोलन स्थल पर छात्रों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता के लिए छात्र प्रतिनिधिमंडल के गठन और विभिन्न मांगों को अंतिम रूप देने पर चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल करेगा सरकार से वार्ता
बैठक में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के चयन की प्रक्रिया पर विचार किया गया। यही प्रतिनिधिमंडल सरकार के अधिकृत अधिकारियों से मुलाकात कर छात्रों की मांगों और चिंताओं को औपचारिक रूप से रखेगा।
परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग
छात्रों ने कथित अनियमितताओं से प्रभावित भर्ती परीक्षाओं की समीक्षा कर आवश्यक होने पर उन्हें निरस्त कर पुनः आयोजित करने की मांग पर चर्चा की। साथ ही पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और सख्त दंड का प्रस्ताव भी सामने आया।
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता पर जोर
बैठक में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई सुझाव रखे गए। इनमें अभ्यर्थियों की OMR शीट को उनके OTR (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) पोर्टल पर उपलब्ध कराने और सभी भर्ती परीक्षाओं के कटऑफ अंक सार्वजनिक करने जैसी मांगें शामिल हैं।
अन्य मांगों पर भी हुई चर्चा
बैठक में पूर्व अधिकारी संतोष मस्ताना की पुनर्नियुक्ति की मांग पर भी विचार किया गया। इसके अलावा भविष्य की भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्थायी सुधार लागू करने की मांग पर भी सहमति बनी।
मृत अभ्यर्थियों के परिवारों के लिए सहायता की मांग
छात्रों ने उत्पाद सिपाही भर्ती प्रक्रिया के दौरान जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई। बैठक के दौरान विभिन्न छात्र संगठनों और प्रतिभागियों की राय लेकर मांगों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी रही।
