रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे विवाद के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव से मुलाकात की। बैठक में परीक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित अनियमितताओं की जांच और अभ्यर्थियों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से मांग की कि JPSC, JSSC समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए। इसके अलावा परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी किसी भरोसेमंद एजेंसी को सौंपने और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग भी उठाई गई।
बैठक के दौरान छात्र हित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने कहा कि विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति का भुगतान समय पर किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग रखी कि परीक्षा संबंधी आंदोलनों को लेकर यदि किसी संगठित गिरोह या समूह पर आरोप लगाए जा रहे हैं, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, जिससे वास्तविक अभ्यर्थियों के लोकतांत्रिक विरोध की छवि प्रभावित न हो।
उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि छात्रों की समस्याओं और सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के सामने इन विषयों को रखा जाएगा और समाधान की दिशा में जरूरी कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा।
मुलाकात के दौरान राजद, कांग्रेस, भाकपा (माले), सीपीआई, एसएफआई, एआईएसएफ सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें इरफान अहमद अंसारी, धर्मेंद्र महतो, योगेंद्र सिंह, आर.एन. सिंह, अजय कुमार, दानिश खान और एहतेशाम परवीन समेत अन्य लोग शामिल थे।
