धनबाद: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएसएम) धनबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर (ग्रेड-I) डॉ. अंतरिप पोद्दार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पेयर्ड अर्ली करियर फेलोशिप इन एप्लाइड रिसर्च (PECFAR) सफलतापूर्वक पूरी कर संस्थान का नाम रोशन किया है।
यह फेलोशिप 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ स्टुटगार्ट में आयोजित की गई थी। इस दौरान डॉ. पोद्दार ने अत्याधुनिक शोध परियोजनाओं पर काम किया और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय के साथ अपने अनुसंधान अनुभव साझा किए।
यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब डॉ. अंतरिप पोद्दार को हाल ही में इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (INAE) के यंग इंजीनियर अवार्ड-2026 के लिए भी चयनित किया गया है। यह पुरस्कार इंजीनियरिंग और तकनीकी अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले युवा वैज्ञानिकों को दिया जाता है।
फेलोशिप के दौरान डॉ. पोद्दार ने यूनिवर्सिटी ऑफ स्टुटगार्ट के जूनियर प्रोफेसर डॉ. अमीररेज़ा आगाखानी के साथ मिलकर मैग्नेटिक माइक्रोरोलर्स से जुड़े शोध पर कार्य किया। यह तकनीक भविष्य में लक्षित दवा पहुंचाने वाली (Targeted Drug Delivery) उन्नत चिकित्सा प्रणालियों के विकास में उपयोगी साबित हो सकती है।
अपने जर्मनी प्रवास के दौरान डॉ. पोद्दार ने यूनिवर्सिटी ऑफ स्टुटगार्ट और टेक्निशे यूनिवर्सिटैट डार्मस्टाट में शोध से संबंधित व्याख्यान भी दिए। उन्होंने मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलिजेंट सिस्टम्स और फ्राउनहोफर आईपीए का दौरा कर वैज्ञानिकों के साथ संभावित संयुक्त शोध परियोजनाओं और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की।
डॉ. पोद्दार ने कहा कि इस फेलोशिप ने उन्हें विश्वस्तरीय शोधकर्ताओं के साथ काम करने और माइक्रोरोबोटिक्स तथा बायोमेडिकल इंजीनियरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में नई संभावनाओं पर शोध करने का अवसर दिया। उन्होंने बताया कि इस पहल से भविष्य में संयुक्त शोध प्रकाशन, अनुसंधान प्रस्ताव, पीएचडी सहयोग, छात्र आदान-प्रदान और भारत-जर्मनी वैज्ञानिक साझेदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आईआईटी आईएसएम धनबाद ने डॉ. पोद्दार की इस उपलब्धि को संस्थान की वैश्विक शोध पहचान को मजबूत करने वाला कदम बताया। संस्थान का कहना है कि ऐसी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां भारत और जर्मनी के शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग को और व्यापक बनाएंगी।
