Monday, September 21, 2026

Hazaribagh News: MMDR संशोधन, राम मंदिर दान विवाद और UPI शुल्क के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र को घेरा.

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हजारीबाग: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह हजारीबाग जिला प्रभारी राजीव रंजन प्रसाद ने जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने खनिज कानून में किए गए संशोधन, अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े दान विवाद और UPI लेन-देन पर प्रस्तावित शुल्क के मुद्दे को लेकर सरकार की आलोचना की।

MMDR संशोधन पर कांग्रेस ने जताया विरोध

राजीव रंजन प्रसाद ने Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Act, 2026 को लेकर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि नए प्रावधानों से खनिज क्षेत्र और राज्यों के अधिकारों पर असर पड़ेगा तथा झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्यों में स्थानीय लोगों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

वहीं, विधेयक के प्रावधानों के अनुसार केंद्र सरकार को खनिज-युक्त भूमि के नियमन में अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं और राज्यों द्वारा खनिज अधिकारों तथा खनिज-युक्त भूमि पर कुछ तरह के शुल्क लगाने की शक्तियों पर शर्तें लगाई गई हैं। इसको लेकर संवैधानिक अधिकारों और राज्यों की भूमिका से जुड़े सवाल भी उठाए गए हैं।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इन बदलावों से जल, जंगल और जमीन पर निर्भर आदिवासी एवं स्थानीय समुदायों के हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर आगामी 26 सितंबर की प्रदेश कांग्रेस रैली में भी अपनी बात रखेगी।

राम मंदिर दान विवाद का भी उठाया मुद्दा

राजीव रंजन ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े कथित दान चोरी के मामले में भी चिंता जताई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मामले में जांच और कानूनी कार्रवाई पहले से चल रही है। सितंबर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रशासनिक स्तर पर कई बदलाव भी किए हैं।

UPI पर 0.04 प्रतिशत टैक्स के दावे पर स्थिति

बैठक में UPI और Google Pay जैसे डिजिटल भुगतान को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा गया। कांग्रेस नेता ने 0.04 प्रतिशत शुल्क/टैक्स की चर्चा करते हुए इसे आम लोगों, छात्रों और छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ बताया।

हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि केंद्र सरकार ने UPI पर किसी सामान्य 0.04 प्रतिशत टैक्स की पुष्टि नहीं की है। सरकार के अनुसार UPI पर MDR से जुड़ा नया ढांचा केवल कुछ निर्धारित बड़े व्यापारी लेन-देन पर लागू हो सकता है। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) भुगतान पर कोई शुल्क नहीं है, जबकि ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान और छोटे कारोबारियों के लिए निर्धारित जीरो-MDR लेन-देन भी मुफ्त रहेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि MDR को सरकारी टैक्स नहीं माना जाता।

कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने और आंदोलन जारी रखने की बात कही है। पार्टी की ओर से MMDR संशोधन, अयोध्या दान विवाद में कार्रवाई और UPI से जुड़े शुल्क के मुद्दे उठाने की घोषणा की गई है।

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