नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार, 11 अगस्त को तेज बढ़त देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार में सोने का भाव बढ़कर ₹1,54,600 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत भी बढ़कर ₹2,37,700 प्रति किलोग्राम हो गई। बाजार में मजबूत मांग और कारोबारियों की नई पोजीशन को कीमतों में तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
सोने के भाव में करीब 1 फीसदी उछाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना ₹1,501 यानी 0.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,54,600 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया। सत्र के दौरान सोने के 1,332 लॉट में कारोबार हुआ।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, घरेलू बाजार में आगामी त्योहारों और शादी के मौसम को लेकर मांग मजबूत रहने की उम्मीद है। इसी वजह से कारोबारियों की ओर से नई खरीदारी और पोजीशन बनाने का असर सोने की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
चांदी भी ₹2.37 लाख के करीब
चांदी के वायदा भाव में भी तेजी दर्ज की गई। MCX पर सितंबर डिलीवरी की चांदी ₹833 यानी 0.35 प्रतिशत बढ़कर ₹2,37,700 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इस दौरान चांदी के 1,688 लॉट में कारोबार हुआ।
बाजार से जुड़े जानकारों के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ सिक्का निर्माण से जुड़ी मांग चांदी की कीमतों को सपोर्ट दे रही है। घरेलू बाजार में मांग मजबूत रहने से चांदी के भाव में तेजी बनी हुई है।
प्रमुख शहरों में सोने की खुदरा कीमतें
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के आधार पर देश के अलग-अलग शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के खुदरा भाव अलग-अलग रहे। स्थानीय बाजार में कीमतों में अंतर टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य स्थानीय कारकों के कारण हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का रुख
वैश्विक स्तर पर भी सोने में मजबूती दिखाई दी। न्यूयॉर्क में अंतरराष्ट्रीय गोल्ड फ्यूचर्स 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,406.15 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का वायदा भाव 0.45 प्रतिशत घटकर 61.44 डॉलर प्रति औंस रहा। इसके बावजूद घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों पर मजबूत मांग का असर देखने को मिला।
क्या आगे भी बढ़ सकते हैं सोने-चांदी के दाम?
सोने और चांदी की कीमतों की दिशा कई कारकों पर निर्भर करती है। घरेलू मांग, वैश्विक कीमतों, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और निवेशकों की गतिविधियों में बदलाव से आगे भाव प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए मौजूदा तेजी के आधार पर भविष्य की कीमतों को लेकर निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है।
