नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ खाते से एडवांस निकासी को लेकर नए नियमों की जानकारी साझा की है। संगठन के अनुसार अब सदस्य शादी, शिक्षा, बीमारी और आवास जैसी जरूरतों के लिए पीएफ एडवांस ले सकेंगे। नई व्यवस्था में निकासी की पात्रता को आसान बनाने और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी करने पर जोर दिया गया है।
एक साल की सदस्यता के बाद एडवांस की सुविधा
नई व्यवस्था के मुताबिक, एक साल की EPF सदस्यता पूरी करने के बाद सदस्य एडवांस के लिए पात्र हो सकते हैं। कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान तथा उस पर मिले ब्याज को जोड़कर बने कुल EPF बैलेंस का अधिकतम 75 प्रतिशत तक एडवांस निकाला जा सकता है।
हालांकि, निकासी के बाद खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनाए रखना जरूरी होगा, जिससे भविष्य की वित्तीय सुरक्षा और रिटायरमेंट फंड पर असर सीमित रहे।
बीमारी के इलाज के लिए निकासी की सीमा नहीं
EPFO के मुताबिक कर्मचारी खुद या परिवार के किसी सदस्य के इलाज के लिए पीएफ एडवांस का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस श्रेणी में निकासी की कोई निश्चित संख्या निर्धारित नहीं की गई है। यानी जरूरत के मुताबिक सदस्य इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
पढ़ाई के लिए 10 बार तक निकाल सकेंगे पैसा
बच्चों की उच्च शिक्षा समेत पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए कर्मचारी अपने सेवाकाल में अधिकतम 10 बार पीएफ एडवांस ले सकते हैं। यह सुविधा शिक्षा संबंधी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए दी गई है।
शादी के लिए 5 बार तक एडवांस
सदस्य अपनी शादी के अलावा भाई-बहन या बच्चों की शादी के लिए भी पीएफ से एडवांस निकाल सकते हैं। इस उद्देश्य के लिए पूरे सेवाकाल में अधिकतम 5 बार निकासी की अनुमति बताई गई है।
मकान और होम लोन से जुड़ी जरूरतों के लिए भी सुविधा
आवास से संबंधित कई खर्चों को भी एडवांस निकासी के दायरे में रखा गया है। सदस्य नया मकान या फ्लैट खरीदने, जमीन लेने, घर बनाने, होम लोन चुकाने अथवा मकान की मरम्मत जैसे कामों के लिए अधिकतम 5 बार पीएफ एडवांस ले सकते हैं।
विशेष परिस्थितियों में साल में दो बार क्लेम
केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की ओर से अधिसूचित विशेष या आपातकालीन परिस्थितियों में सदस्य एक वित्तीय वर्ष के दौरान अधिकतम दो बार एडवांस राशि के लिए क्लेम कर सकते हैं।
₹5 लाख तक के बीमारी संबंधी क्लेम में ऑटो-सेटलमेंट
EPFO की ओर से क्लेम प्रक्रिया को डिजिटल और तेज बनाने पर भी जोर दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ₹5 लाख तक के बीमारी से संबंधित क्लेम ऑटो-सेटलमेंट व्यवस्था के तहत प्रोसेस किए जा सकते हैं और पात्र राशि सीधे सदस्य के बैंक खाते में भेजी जाती है। ऐसे क्लेम के निपटारे में करीब 1 से 3 दिन लगने की बात कही गई है।
सदस्यों को सलाह दी जाती है कि पीएफ एडवांस के लिए आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता और संबंधित शर्तों की जानकारी EPFO की आधिकारिक व्यवस्था से जरूर जांच लें।
