रांची, 22 अक्टूबर 2026। झारखंड में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों के अधिकारों, विकास और संवैधानिक संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए 29 नवंबर को महाबैठक आयोजित की जाएगी। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने गुरुवार को कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता छोटू और सोनाल शांति भी मौजूद थे। बैठक का उद्देश्य एससी-एसटी समुदायों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करना और उनके अधिकारों की रक्षा से संबंधित सवालों को उठाना बताया गया।
केंद्र सरकार पर बजट और छात्रवृत्ति को लेकर आरोप
बंधु तिर्की ने केंद्र की भाजपा सरकार पर अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन समुदायों के विकास के लिए निर्धारित बजट में कटौती की जा रही है और विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि समय पर नहीं मिल रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विकास योजनाओं के लिए निर्धारित धनराशि दूसरी मदों में खर्च की जा रही है। उनके मुताबिक, इससे संबंधित समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ये आरोप बंधु तिर्की ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान लगाए। इनके समर्थन में विस्तृत आंकड़े या संबंधित सरकारी पक्ष का बयान उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
बॉक्साइट खनन परियोजनाओं का मुद्दा भी उठाया
बंधु तिर्की ने सीजीमाली, कुटुरूमाली और नियामगिरि में बॉक्साइट खनन परियोजनाओं का जिक्र करते हुए वन अधिकार अधिनियम और पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम यानी पेसा कानून के कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि खनन और विकास परियोजनाओं से जुड़े मामलों में स्थानीय समुदायों के अधिकारों तथा ग्रामसभाओं की भूमिका का सम्मान किया जाना चाहिए।
नियामगिरि के संदर्भ में उन्होंने वर्ष 2013 के उच्चतम न्यायालय के फैसले का उल्लेख करते हुए ग्रामसभा के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया।
एससी-एसटी आयोगों को प्रभावी बनाने की मांग
बंधु तिर्की ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से जुड़े आयोगों को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इन समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उनके मुताबिक, बजट, छात्रवृत्ति, शिक्षा, सामाजिक-आर्थिक विकास और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मामलों पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है।
29 नवंबर की बैठक पर रहेगी नजर
29 नवंबर को प्रस्तावित महाबैठक में एससी-एसटी समुदायों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। बैठक के विस्तृत एजेंडे, स्थान और इसमें भाग लेने वाले प्रतिनिधियों की जानकारी अभी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
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