Sunday, April 26, 2026

DeepSeek V4 ने साबित कर दिया कि बहुत कम खर्च और घरेलू चिप्स के साथ भी विश्व स्तर का AI मॉडल बनाया जा सकता है.

Share

 चीन की हैंगझू स्थित स्टार्टअप DeepSeek ने शुक्रवार को अपने नए लार्ज लैंग्वेड मॉडल V4 का प्रीव्यू वर्ज़न रिलीज कर दिया. इस मॉडल को दो रूपों में रिलीज़ किया गया है- पहला DeepSeek-V4-Pro और दूसरा DeepSeek-V4 Flash. कंपनी का दावा है कि V4-Pro दुनिया के टॉप क्लोज्ड-सोर्स मॉडल्स (जैसे OpenAI और Anthropic) के बराबर की परफॉर्मेंस देता है, जबकि यह उन अमेरिकन एआई मॉडल्स की तुलना में काफी सस्ता भी है.

V4-Pro में 1.6 ट्रिलियन पैरामीटर्स हैं और यह 10 लाख टोकन्स (लगभग 7.5 लाख शब्दों) तक की जानकारी एक साथ समझ सकता है और याद भी रख सकता है. कंपनी का कहना है कि यह कोडिंग और रीज़निंग में भी सभी ओपन-सोर्स मॉडल्स से बेहतर है. इसके बेंचमार्क्स Anthropic के Claude Opus 4.6, OpenAI के GPT-5.4 और Google के Gemini 3.1 Pro के काफी करीब हैं. DeepSeek की टेक रिपोर्ट में खुद लिखा है कि यह GPT-5.4 और Gemini 3.1 Pro से थोड़ा पीछे है, यानी अभी फ्रंटियर मॉडल्स से 3 से 6 महीने पीछे चल रहा है.

अमेरिकी एआई मॉडल्स से काफी सस्ता

हालांकि, जब बात चीन के इस एआई कंपनी यानी डीपसीक की आती है तो सबसे ज्यादा चर्चा इसकी सस्ती कीमत की होती है. रिपोर्ट के मुताबिक, V4-Pro के 10 लाख टोकन्स आउटपुट का खर्च सिर्फ 3.48 डॉलर है. वहीं, वहीं OpenAI $30 और Anthropic $25 चार्ज करता है. यहां तक कि चीन की ही Moonshot AI की Kimi भी $4 लेती है, V4-Flash तो और सस्ता है- सिर्फ 0.28 डॉलर प्रति मिलियन टोकन्स. कंपनी ने कहा है कि Huawei के नए Ascend 950 चिप्स का प्रोडक्शन बढ़ने पर कीमत और कम हो सकती है.

सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चिंग इंटरनेशनल कॉर्प (SMIC) के शेयर 10% उछल गए. वहीं, डीपसीक के दो चाइनीज कॉम्पिटिटर्स – MiniMax और Knowledge Atlas – के शेयर 9% से ज्यादा गिर गए. DeepSeek की कहानी 2024 के अंत में शुरू हुई जब उसने V3 मॉडल सिर्फ 5.6 मिलियन डॉलर के बजट में ट्रेन किया. I रिसर्चर Andrej Karpathy ने इसे “जोक ऑफ अ बजट” कहा था. उसके बाद R1 रीजनिंग मॉडल आया जो OpenAI के बराबर परफॉर्म कर रहा था.

इससे अमेरिकी टेक शेयर्स में भारी गिरावट आई थी. अब V4 ओपन-सोर्स है, यानी कोई भी डेवलपर इसे फ्री डाउनलोड करके अपनी जरूरत के हिसाब से बदल सकता है. इससे दुनिया भर के छोटे डेवलपर्स को फायदा हो रहा है.

Read more

Local News