Sunday, April 26, 2026

यह खतरनाक और जानलेवा बीमारी 50 साल बाद लौट आई है, और इस शहर में मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, जानिए क्या…

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डिप्थीरिया दुनिया की एक पुरानी लेकिन खतरनाक बीमारी है. ऑस्ट्रेलिया के किम्बरली इलाके में पिछले कुछ हफ्ते में इसके मामले तेजी से बढ़े हैं, जिसे पिछले 50 सालों में पहली इतनी बड़ी उछाल माना जा रहा है. इस खबर ने हेल्थ एक्सपर्ट्स की चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम्बरली इलाके में डिप्थीरिया के मामले अचानक बढ़ गए हैं. सिर्फ एक महीने में केसेज तीन गुना हो गए हैं. मरीजों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. पहले इस बीमारी को यहां लगभग खत्म माना जा रहा था, लेकिन अब हेल्थ सिस्टम इसके वापस लौटने को लेकर अलर्ट पर है. ऐसे में आज इस खबर में जानिए क्या है डिप्थीरिया और इसके लक्षण…

डिप्थीरिया क्या है?
WHO के मुताबिक, जो लोग इस बीमारी के बारे में नहीं जानते, उन्हें बता दें कि यह एक गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन है (जो कोरिनेबैक्टीरियम डिप्थीरिया नाम के बैक्टीरिया से होता है) जो खांसने, छींकने या इन्फेक्टेड घावों को छूने से फैलता है. मतलब यह एक गंभीर और फैलने वाला बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, जिसे आम तौर पर ‘गला घोंटू’ बीमारी कहा जाता है. इससे गले के अंदर एक मोटी, सफेद या भूरी झिल्ली बन जाती है, जिससे सांस लेने में बहुत दिक्कत होती है और निगलने में दर्द होता है.

Learn what Diphtheria is and its symptoms; why did the outbreak of Diphtheria suddenly surge in Kimberley?

यह बीमारी मुख्य रूप से दो तरह की होती है: रेस्पिरेटरी डिप्थीरिया (जो गले और सांस की नली पर असर डालता है) और क्यूटेनियस डिप्थीरिया (जिससे स्किन पर गंभीर घाव हो जाते हैं). किम्बरली में इस समय, लगभग तीन-चौथाई मामले स्किन पर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन खतरनाक रेस्पिरेटरी के मामले भी सामने आ रहे हैं. किम्बरली में पिछले एक महीने में केस तीन गुना से ज्यादा बढ़ गए हैं (7 में से 27+ केस). 2026 में अब तक पूरे ऑस्ट्रेलिया में 80 से ज्यादा केस रिपोर्ट किए गए हैं.

डिप्थीरिया के लक्षण
अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) की वेबसाइट के मुताबिक, अगर आप सोच रहे हैं कि किन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए, तो इन लक्षणों पर गौर करें…

रेस्पिरेटरी डिप्थीरिया के लक्षण इस प्रकार हैं

Learn what Diphtheria is and its symptoms; why did the outbreak of Diphtheria suddenly surge in Kimberley?

डिप्थीरिया के लक्षण और संकेत आमतौर पर किसी व्यक्ति के इन्फेक्टेड होने के 2 से 5 दिन बाद शुरू होते हैं. इन लक्षणों में ये शामिल हो सकते हैं…

  • गले और टॉन्सिल को ढकने वाली एक मोटी, ग्रे झिल्ली
  • गले में खराश और आवाज बैठना
  • गर्दन में सूजी हुई ग्रंथियां (बढ़े हुए लिम्फ नोड्स)
  • सांस लेने में दिक्कत या तेजी से सांस लेना
  • नाक से पानी आना
  • बुखार और ठंड लगना
  • थकान

कुछ लोगों में, डिप्थीरिया पैदा करने वाले बैक्टीरिया के इन्फेक्शन से सिर्फ हल्की बीमारी होती है या कोई साफ लक्षण और संकेत बिल्कुल नहीं दिखते. इन्फेक्टेड लोग जिन्हें अपनी बीमारी का पता नहीं चलता, उन्हें डिप्थीरिया का कैरियर कहा जाता है. उन्हें कैरियर इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे खुद बीमार हुए बिना भी इन्फेक्शन फैला सकते हैं.

त्वचा संबंधी डिप्थीरिया (क्यूटेनियस डिप्थीरिया) के लक्षण इस प्रकार हैं
डिप्थीरिया का दूसरा टाइप स्किन पर असर डाल सकता है, जिससे दूसरे बैक्टीरियल स्किन इन्फेक्शन की तरह दर्द, लालिमा और सूजन हो सकती है. ग्रे मेम्ब्रेन से ढके छाले भी स्किन डिप्थीरिया का संकेत हो सकते हैं. हालांकि यह ट्रॉपिकल मौसम में ज़्यादा आम है, लेकिन स्किन पर डिप्थीरिया यूनाइटेड स्टेट्स में भी होता है. यह खासकर उन लोगों में हो सकता है जो साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर रहते हैं.

  • दर्दनाक घाव या छाले (अक्सर गंदे भूरे रंग की परत से ढके होते हैं).
  • ऐसे घाव जो धीरे-धीरे भरते हैं

क्यूटेनियस डिप्थीरिया आमतौर पर रेस्पिरेटरी डिप्थीरिया जितना खतरनाक नहीं होता है, लेकिन अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह बैक्टीरिया फैला सकता है और गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है. हेल्थ अधिकारियों का कहना है कि अच्छे इलाज के बावजूद, रेस्पिरेटरी डिप्थीरिया जानलेवा हो सकता है, खासकर बच्चों के लिए. मृत्यु दर लगभग दस में से एक है.

डिप्थीरिया इतना खतरनाक क्यों है?
डिप्थीरिया खतरनाक है क्योंकि यह एक ताकतवर टॉक्सिन बनाता है जो टिशू को मार देता है, गले में एक मोटी, ग्रे स्यूडोमेम्ब्रेन बनाता है जो सांस लेने में रुकावट डाल सकता है. यह टॉक्सिन ब्लडस्ट्रीम में जा सकता है, जिससे दिल (मायोकार्डिटिस), किडनी और नसों को जानलेवा नुकसान हो सकता है. इलाज के बाद भी, इसमें 5-10 फीसदी मौत की दर होती है, जो बिना वैक्सीन वाले लोगों में 30 फीसदी तक पहुंच सकती है. इसलिए इस रोग का पता चलने पर तुरंत मेडिकल मदद जरूरी है, लेकिन इस बीमारी से बचना ही सबसे बेहतर है.

किम्बरली में डिप्थीरिया का प्रकोप अचानक क्यों बढ़ गया?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रेगुलर वैक्सीनेशन की वजह से ऑस्ट्रेलिया में डिप्थीरिया लगभग पूरी तरह खत्म हो गया था. लेकिन 2025 के आखिर में, किम्बर्ली में कुछ मामले सामने आए, जो 50 साल में पहली बार हुआ था. शुरुआत में, कुछ ही मामले थे. लेकिन, अचानक हालात बिगड़ गए और कुछ ही हफ्तों में मामलों की संख्या लगभग सात से बढ़कर 27 से ज्यादा हो गई. अप्रैल 2026 तक, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में 30 से ज्यादा कन्फर्म मामले थे, जिनमें से ज्यादातर किम्बर्ली में थे. डिप्थीरिया किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है, क्योंकि बच्चे और वयस्क दोनों ही इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वास्तव में कोई भी सुरक्षित नहीं है.

यह एक गंभीर फैलने वाली बैक्टीरियल बीमारी है जो बच्चों और बड़ों दोनों को हो सकती है, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, सभी उम्र के लोगों को इसका खतरा है, खासकर उन्हें जिन्हें पूरी तरह से वैक्सीन नहीं लगी है और जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है।

वैक्सीन से रोकी जा सकने वाली बीमारियां क्यों बढ़ रही हैं?
यह चिंता की बात है कि 2026 तक, खसरा, डिप्थीरिया और काली खांसी जैसी वैक्सीन से रोकी जा सकने वाली बीमारियां उन इलाकों में फिर से उभरेंगी जहां हर्ड इम्यूनिटी कम है. एक्सपर्ट्स इसके दोबारा उभरने के कई कारण बताते हैं, जिसमें वैक्सीनेशन कवरेज में कमी और हेल्थ सर्विसेज तक पहुंचने में आने वाली चुनौतियां शामिल हैं. यह भारत जैसे देश के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है जहां बड़ी आबादी और अलग-अलग भौगोलिक स्थितियां हैं, क्योंकि घनी आबादी वाले इलाकों में इन्फेक्शन तेजी से फैलता है, जिससे हमेशा ‘कम्युनिटी स्प्रेड’ का खतरा बना रहता है. हेल्थ सर्विसेज में क्षेत्रीय अंतर (शहरी बनाम ग्रामीण विभाजन) का मतलब है कि शहरों में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सुविधाए हैं, लेकिन दूर-दराज के गांवों में बेसिक इलाज भी मुश्किल है.

आप खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए ये कदम उठा सकते हैं

डिप्थीरिया का टीका जरूरी- सबसे पहले, पक्का करें कि सभी को डिप्थीरिया का टीका लगा हो. बच्चों को रेगुलर वैक्सीनेशन के हिस्से के तौर पर इसकी जरूरत होती है, और बड़े लोग बूस्टर डोज लेना न भूलें, खासकर अगर आप ऐसी जगह जा रहे हैं जहां डिप्थीरिया के मामले ज्यादा हैं.

लक्षणों पर ध्यान दें – अगर किसी को कोई अजीब स्किन इन्फेक्शन, लगातार गले में खराश, या सांस लेने में दिक्कत है, तो इंतजार न करें. समय पर इलाज से सच में फर्क पड़ता है. साफ-सफाई बनाए रखें. अपने हाथ धोएं, खांसते या छींकते समय अपना मुंह ढकें और बीमार लोगों से दूर रहें. घावों का ध्यान रखें. किसी भी कट को तुरंत साफ करें और ढक दें. इन्फेक्शन के किसी भी लक्षण पर नजर रखें.

भीड़ वाली जगहों से बचें – उन इलाकों में भीड़ वाली जगहों से बचें जहां इन्फेक्शन फैल रहा है. कम संपर्क का मतलब है बैक्टीरिया से इन्फेक्शन होने का कम चांस. वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया से मिलने वाली हेल्थ सलाह पर ध्यान दें. जागरूक रहना बहुत मददगार होता है.

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