Tuesday, July 28, 2026

CWG 2026: भारत का शानदार प्रदर्शन जारी, पांचवें दिन छह पदक जीते; पैरा एथलीट शर्मिला ने रचा इतिहास.

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ग्लास्गो (स्कॉटलैंड): कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता के पांचवें दिन भारत ने कुल छह पदक अपने नाम किए। दिन का सबसे यादगार प्रदर्शन पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ का रहा, जिन्होंने महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

शर्मिला ने 9.81 मीटर का शानदार थ्रो करते हुए न केवल गोल्ड मेडल हासिल किया, बल्कि कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने वाली खिलाड़ी बन गईं। उनका यह प्रदर्शन सीजन का सर्वश्रेष्ठ भी रहा।

भारत की झोली में आए छह पदक

पांचवें दिन भारत को छह पदक मिले। इनमें शर्मिला धनखड़ का गोल्ड सबसे खास रहा। इसके अलावा ज्ञानेश्वरी यादव, सर्वेश कुशारे और वल्लूरी अजय बाबू ने सिल्वर मेडल जीते, जबकि बिंद्यारानी देवी और शिल्पा के. शायला ने ब्रॉन्ज पदक अपने नाम किए। इन उपलब्धियों के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 10 पहुंच गई।

महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में घाना की जिनाबू इस्सा ने 8.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक जीता। वहीं, प्रतियोगिता में एक अन्य खिलाड़ी के अयोग्य घोषित होने के बाद भारत की शिल्पा के. शायला को कांस्य पदक मिला। इससे भारत को ग्लास्गो खेलों में पैरा एथलेटिक्स में पहली बार डबल पोडियम फिनिश हासिल हुआ।

सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में जीता सिल्वर

भारतीय एथलेटिक्स के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। उन्होंने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार की, लेकिन काउंटबैक नियम के कारण वह गोल्ड से चूक गए।

जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने भी इतनी ही ऊंचाई पार की, लेकिन बेहतर प्रयासों के आधार पर उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। इंग्लैंड के किमानी जैक ने 2.20 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता।

वेटलिफ्टिंग में भारत का दबदबा जारी

वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने तीन पदक जीतकर टीम के प्रदर्शन को और मजबूत किया। महिलाओं की 53 किग्रा वर्ग में ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता।

23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किग्रा वजन उठाया, जिसमें स्नैच में 88 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा शामिल रहा। उन्होंने प्रतियोगिता में अपने सभी छह प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए और कुछ समय के लिए क्लीन एंड जर्क में गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया।

हालांकि, नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह ने 206 किग्रा के गेम्स रिकॉर्ड कुल वजन के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।

बिंद्यारानी देवी ने जीता कांस्य

महिलाओं की 58 किग्रा वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में बिंद्यारानी देवी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। यह उनका लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स पदक है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम गेम्स में रजत पदक जीता था।

मणिपुर की इस खिलाड़ी ने कुल 199 किग्रा वजन उठाया, जिसमें स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 112 किग्रा शामिल था। नाइजीरिया की राफियातु फोलाशडे लावल ने स्वर्ण और कनाडा की एन सोफी टैशेरेउ ने रजत पदक जीता।

वल्लूरी अजय बाबू ने सिल्वर से बढ़ाया गौरव

पुरुषों की 79 किग्रा वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत के वल्लूरी अजय बाबू ने रजत पदक हासिल किया। आंध्र प्रदेश के इस खिलाड़ी ने स्नैच में 149 किग्रा वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया।

उन्होंने कुल 330 किग्रा (149 किग्रा स्नैच और 181 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाया। मलेशिया के मुहम्मद एरी हिदायत ने 331 किग्रा के प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि स्कॉटलैंड के क्रिस मरे ने कांस्य पदक हासिल किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल का प्रदर्शन अब तक प्रभावशाली रहा है और आने वाले दिनों में पदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

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