Saturday, September 12, 2026

सिमडेगा में ‘प्रोजेक्ट पोषण’ की शुरुआत, 41 स्कूलों के 6471 बच्चों को मिलेंगे मिलेट न्यूट्री बार.

Share

सिमडेगा: बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और संतुलित आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इंडियनऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने सिमडेगा में ‘प्रोजेक्ट पोषण’ शुरू किया है। CSR के तहत शुरू की गई इस पहल में जिले के 41 सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले 6,471 बच्चों को छह महीने तक मिलेट आधारित न्यूट्री बार उपलब्ध कराए जाएंगे।

शुक्रवार को लचरागढ़ स्थित सेंट ऐनीज गर्ल्स हाई स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त कंचन सिंह ने परियोजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को न्यूट्री बार भी वितरित किए गए।

पाइपलाइन क्षेत्र के आसपास के 41 स्कूल शामिल

इंडियनऑयल की पाइपलाइन के राइट ऑफ वे (ROW) क्षेत्र के आसपास स्थित 41 सरकारी स्कूलों को इस अभियान के लिए चुना गया है। यहां अध्ययनरत बच्चों को निर्धारित अवधि तक पौष्टिक मिलेट न्यूट्री बार दिए जाएंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत और ‘बुलबुल डांस’ की प्रस्तुति भी दी। इसके बाद अतिथियों ने बच्चों के बीच न्यूट्रीलेट मिलेट न्यूट्री बार का वितरण किया।

34.95 लाख रुपये है परियोजना की लागत

इस CSR परियोजना के लिए 34.95 लाख रुपये की स्वीकृत राशि निर्धारित की गई है। बच्चों को मिल्क, केला और मिक्स्ड फ्रूट फ्लेवर के न्यूट्री बार उपलब्ध कराए जाएंगे।

इन खाद्य उत्पादों में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पौधों से मिलने वाला प्रोटीन और आहार फाइबर जैसे पोषक तत्व शामिल हैं। पहल के पीछे बच्चों में एनीमिया, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और भोजन में पोषण संबंधी विविधता की कमी जैसी समस्याओं से निपटने में सहयोग करना प्रमुख उद्देश्य है।

स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों पर भी जोर

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त कंचन सिंह ने बच्चों को पौष्टिक भोजन की अहमियत बताई। उन्होंने कहा कि सिर्फ पेट भरना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भोजन में शरीर की जरूरत के मुताबिक पोषक तत्वों का होना भी जरूरी है।

उन्होंने बच्चों से स्थानीय स्तर पर आसानी से मिलने वाली सब्जियों, दालों और अनाज को भोजन में शामिल करने की अपील की। उपायुक्त ने मड़ुआ यानी रागी, मुनगा, बेर और स्थानीय साग-सब्जियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन खाद्य पदार्थों के माध्यम से कम खर्च में भी पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है।

उनका कहना था कि पौष्टिक भोजन का मतलब महंगा भोजन नहीं, बल्कि ऐसा आहार है जो शरीर को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराए।

बच्चों में बचपन से विकसित हो स्वस्थ खान-पान की आदत

उपायुक्त ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली की नींव बचपन से ही रखी जाती है। इसलिए बच्चों को शुरुआत से ही संतुलित और पौष्टिक भोजन की आदत डालना जरूरी है।

उन्होंने छात्राओं की भूमिका पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, छात्राएं भविष्य में अपने परिवार और आसपास के लोगों के बीच स्वास्थ्य एवं पोषण को लेकर जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

कार्यक्रम में प्रशासन और इंडियनऑयल के अधिकारी रहे मौजूद

उद्घाटन कार्यक्रम में इंडियनऑयल के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) संजीव कुमार सामल, महाप्रबंधक संबलपुर बेस प्रशान्त कुमार बेहेरा और महाप्रबंधक (वित्त) सौरदीप भट्टाचार्य समेत जिला प्रशासन और कंपनी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी भी शामिल हुए। परियोजना को जमीन पर लागू करने की जिम्मेदारी एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड की सहायक संस्था एचएलएल मैनेजमेंट अकादमी के माध्यम से निभाई जा रही है।

Read more

Local News