Thursday, September 10, 2026

Crude Oil Price: कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, सेंसेक्स 813 अंक लुढ़का; आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव.

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मुंबई: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर जाने का असर बुधवार, 9 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों की व्यापक बिकवाली के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान निफ्टी ने करीब तीन महीने का निचला स्तर भी छुआ।

दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 813.35 अंक यानी 1.08% गिरकर 74,764.23 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में 203.60 अंक यानी 0.86% की गिरावट रही और यह 23,431.50 के स्तर पर बंद हुआ।

कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी बाजार की चिंता

बाजार में दबाव की प्रमुख वजह कच्चे तेल की कीमतों में 2.72% से अधिक की तेजी मानी जा रही है। भारत अपनी तेल जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड महंगा होने से देश में महंगाई, आयात लागत और आर्थिक वृद्धि को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के मुताबिक, मध्य पूर्व में लंबे समय तक तनाव रहने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। ऊर्जा लागत बढ़ने की स्थिति में केंद्रीय बैंकों के लिए महंगाई और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

आईटी और रियल्टी शेयरों में जोरदार गिरावट

बुधवार के कारोबार में ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3.38% टूट गया, जिससे बाजार पर खासा दबाव बना। इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा और विप्रो जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।

इसके अलावा निफ्टी रियल्टी 1.88% और एफएमसीजी इंडेक्स 0.88% नीचे रहा। फार्मा और मीडिया से जुड़े इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए।

मेटल इंडेक्स ने दिखाई मजबूती

जहां अधिकांश सेक्टरों में बिकवाली हावी रही, वहीं मेटल शेयरों ने बाजार के रुख से अलग प्रदर्शन किया। निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.67% की बढ़त के साथ बंद हुआ।

निफ्टी 50 में अडाणी एंटरप्राइजेज और कोल इंडिया प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

सोने और चांदी में भी तेजी

इक्विटी बाजार में गिरावट के बीच कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने की कीमत 0.33% बढ़कर 1,53,080 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। वहीं चांदी 0.22% की बढ़त के साथ 2,39,884 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशकों का रुझान अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स की तरफ बढ़ता है, जिसका असर कीमती धातुओं की कीमतों में भी देखने को मिल सकता है।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार

एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी बुधवार को एक जैसा रुख नहीं रहा। जापान का निक्केई, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए। दूसरी ओर दक्षिण कोरिया के कोस्पी में तेजी रही।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, निवेशकों की नजर आगे कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक तनाव और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर बनी रहेगी।

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