Saturday, October 10, 2026

Bihar MLC Election 2026: अनंत सिंह और RLM की बगावत से NDA की बढ़ी मुश्किलें, आठ सीटों पर जीत की चुनौती.

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पटना, 10 अक्टूबर 2026: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सामने अपनी एकजुटता बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। मोकामा विधायक अनंत सिंह के बागी तेवर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के भीतर जारी विवाद ने गठबंधन की चुनावी रणनीति को मुश्किल बना दिया है। खासकर पटना स्नातक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सहयोगी दलों के बीच मतभेदों का असर चुनावी मुकाबले पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद NDA के नेता विधान परिषद चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। गठबंधन के भीतर मतभेदों को दूर करने के लिए बैठकों का दौर भी तेज हुआ है। अब तक NDA की तीन अहम बैठकें हो चुकी हैं, जबकि जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी दो बैठकें कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की है।

NDA की बैठक में बगावती तेवरों पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को हुई NDA की बैठक में चार प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें मोकामा विधायक अनंत सिंह का रुख, RLM के अंदरूनी विवाद, घटक दलों के नेताओं की नाराजगी और गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने के उपाय शामिल थे।

बैठक में अनंत सिंह के रुख को लेकर चर्चा हुई, लेकिन इस मुद्दे पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी। JDU नेताओं के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह इस मामले को देख रहे हैं और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। हालांकि, गुरुवार की बैठक में ललन सिंह मौजूद नहीं थे।

इसके अलावा RLM के भीतर चल रहे विवाद को जल्द सुलझाने और चुनाव से पहले गठबंधन के सभी सहयोगियों के बीच तालमेल कायम करने पर भी जोर दिया गया।

पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह की चुनौती

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में JDU प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ मोकामा विधायक अनंत सिंह का रुख चर्चा का विषय बना हुआ है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार को हराने का दावा किया है और जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह को समर्थन दिया है।

इस घटनाक्रम के बाद JDU के सामने अपने समर्थक मतदाताओं को एकजुट रखने की चुनौती है। पिछले चुनाव में नीरज कुमार को प्रथम वरीयता के 17,285 वोट मिले थे, जो कुल मतों का लगभग 45 प्रतिशत था। वहीं, RJD प्रत्याशी आजाद गांधी को 11,238 और कांग्रेस प्रत्याशी दिलीप कुमार को 5,739 वोट मिले थे।

इस बार जन सुराज के प्रत्याशी की मौजूदगी और अनंत सिंह के समर्थन के कारण मुकाबले के समीकरण में बदलाव की संभावना पर चर्चा हो रही है। हालांकि, इसका वास्तविक असर मतदान के नतीजों से ही स्पष्ट होगा।

सारण शिक्षक सीट पर JDU और RLM आमने-सामने

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी NDA के भीतर मतभेद सामने आए हैं। यहां JDU ने आनंद पुष्कर को प्रत्याशी बनाया है, जबकि गठबंधन के सहयोगी RLM ने प्रदेश महासचिव रामपुकार सिन्हा को मैदान में उतारा है।

इस सीट पर जन सुराज के प्रत्याशी और मौजूदा MLC अफाक अहमद भी चुनाव लड़ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, RLM के तीन विधायक माधव आनंद, आलोक सिंह और रामेश्वर महतो ने रामपुकार सिन्हा को समर्थन देने की बात कही है।

इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 10,748 मतदाता हैं। JDU, RLM और जन सुराज के प्रत्याशियों के मैदान में होने से मुकाबला त्रिकोणीय बनता दिखाई दे रहा है। गठबंधन के भीतर अलग-अलग प्रत्याशियों को समर्थन मिलने से वोटों के बंटवारे की आशंका भी जताई जा रही है।

पिछले चुनाव में करीब 700 वोटों से हारे थे आनंद पुष्कर

पिछले चुनाव में केदार नाथ पांडेय के निधन के बाद JDU ने उनके बेटे आनंद पुष्कर को उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, वह जन सुराज के प्रत्याशी अफाक अहमद से करीब 700 वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे।

इस बार भी अफाक अहमद मैदान में हैं, जबकि RLM ने रामपुकार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में आनंद पुष्कर के सामने विपक्षी प्रत्याशियों के साथ-साथ गठबंधन के भीतर पैदा हुई चुनौती से निपटने का सवाल भी अहम हो गया है।

आठ सीटों पर जीत के लिए NDA को साधना होगा तालमेल

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर जीत की रणनीति बना रहे NDA के लिए सहयोगी दलों के बीच समन्वय बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह का रुख और सारण शिक्षक सीट पर RLM का अलग प्रत्याशी गठबंधन की चुनावी तैयारियों को प्रभावित कर सकता है।

हालांकि, अंतिम परिणाम मतदाताओं के रुख और प्रत्याशियों को मिलने वाले समर्थन पर निर्भर करेंगे। फिलहाल NDA के सामने चुनावी रणनीति के साथ-साथ अपने घटक दलों के मतभेदों को दूर करने की चुनौती भी बनी हुई है।

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