पटना: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने डीएलएड (फेस-टू-फेस) सत्र 2024-26 के द्वितीय वर्ष के परीक्षार्थियों के प्रोविजनल सर्टिफिकेट को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। बोर्ड के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 तक प्रोविजनल सर्टिफिकेट संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालयों में उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
इसके बाद संबंधित डीएलएड संस्थानों के प्रधान प्रमाणपत्र प्राप्त कर अपने संस्थान के विद्यार्थियों को वितरित करेंगे। ऐसे में परीक्षार्थियों को प्रमाणपत्र लेने के लिए सीधे बोर्ड कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें अपने संबंधित संस्थान से संपर्क करना होगा।
12 अक्टूबर तक DEO कार्यालय पहुंचेंगे प्रमाणपत्र
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अनुसार, डीएलएड सत्र 2024-26 के द्वितीय वर्ष की परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों के प्रोविजनल सर्टिफिकेट निर्धारित समयसीमा के भीतर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालयों में भेजे जाएंगे।
बोर्ड की ओर से प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के बाद संबंधित संस्थानों के प्रधान इन्हें अपने जिले के DEO कार्यालय से प्राप्त करेंगे। इसके बाद संस्थान स्तर पर विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
संस्थान के माध्यम से मिलेगा प्रोविजनल सर्टिफिकेट
प्रमाणपत्र वितरण की प्रक्रिया में डीएलएड संस्थानों की अहम भूमिका होगी। विद्यार्थियों को निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होगी:
- अपने संबंधित डीएलएड संस्थान से संपर्क करें।
- संस्थान से प्रमाणपत्र उपलब्ध होने की जानकारी लें।
- प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए जरूरी दस्तावेजों या औपचारिकताओं की जानकारी हासिल करें।
- संस्थान की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्राप्त करें।
विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे प्रमाणपत्र वितरण की तारीख और अन्य जरूरी जानकारी के लिए अपने संस्थान के संपर्क में रहें।
28 सितंबर को जारी हुआ था रिजल्ट
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने डीएलएड (फेस-टू-फेस) सत्र 2024-26 के द्वितीय वर्ष के परीक्षार्थियों का परिणाम 28 सितंबर 2026 को जारी किया था। अब बोर्ड ने प्रोविजनल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की समयसीमा भी निर्धारित कर दी है।
रिजल्ट जारी होने के बाद प्रमाणपत्र मिलने से विद्यार्थियों को आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया और संबंधित औपचारिकताओं में मदद मिल सकती है।
विद्यार्थियों के लिए जरूरी सलाह
डीएलएड द्वितीय वर्ष के परीक्षार्थी अपने संस्थान से नियमित संपर्क बनाए रखें। 12 अक्टूबर तक प्रमाणपत्र जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालयों में उपलब्ध कराने की निर्धारित समयसीमा है, जबकि विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र मिलने की वास्तविक तारीख संस्थान में वितरण की व्यवस्था पर निर्भर करेगी।
किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए विद्यार्थी अपने नाम, पंजीकरण विवरण और परीक्षा संबंधी जानकारी सही रखें तथा जरूरत पड़ने पर संस्थान से पुष्टि कर लें।
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