Wednesday, August 12, 2026

Bihar Cabinet Decisions: कैबिनेट ने 10 प्रस्तावों को दी मंजूरी, 221 नए पदों से लेकर स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड तक कई अहम फैसले.

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पटना: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में युवाओं के कौशल विकास, उच्च शिक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, सौर ऊर्जा, बिजली व्यवस्था और शहरी कचरे के बेहतर प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को 2031 तक जारी रखने के साथ बिजली विभाग में 221 नए पद सृजित करने की भी स्वीकृति दी।

युवाओं को AI और ड्रोन जैसी तकनीकों की ट्रेनिंग

कैबिनेट ने कुशल युवा कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक चलेगी। इसके लिए करीब 430.08 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक, कोडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और बैंकिंग जैसी आधुनिक स्किल में प्रशिक्षण देने की योजना है। सरकार के अनुमान के मुताबिक इससे करीब 6,436 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

शहरों के जैविक कचरे से तैयार होगी CBG

शहरी निकायों में निकलने वाले जैविक कचरे के इस्तेमाल से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार करने के लिए प्लांट लगाने को मंजूरी दी गई है। इस पहल का उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के साथ पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करना है।

सरकार को उम्मीद है कि इससे कचरा प्रबंधन बेहतर होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।

BSPTCL में 221 नए पद सृजित होंगे

बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTCL) के ग्रिड उपकेंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए 221 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।

इन पदों में कार्यपालक अभियंता, सहायक कार्यपालक अभियंता, कनिष्ठ विद्युत अभियंता और तकनीकी कर्मचारियों से जुड़े पद शामिल हैं। नई नियुक्तियों से ग्रिड उपकेंद्रों के संचालन और तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2031 तक जारी

छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। योजना अब 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहेगी।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत 950 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है।

घरों में सोलर सिस्टम लगाने पर अतिरिक्त सहायता

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने वाले लाभार्थियों को केंद्र की सहायता के अलावा बिहार सरकार की ओर से भी अतिरिक्त आर्थिक मदद मिलेगी।

राज्य सरकार प्रति किलोवाट 10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देगी, जिसकी अधिकतम सीमा एक घर के लिए 20 हजार रुपये होगी। राशि DBT के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए संभावित तौर पर करीब 1,000 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है।

गांवों तक बेहतर इंटरनेट पहुंचाने की तैयारी

कैबिनेट ने भारतनेट परियोजना से जुड़े त्रिपक्षीय समझौते में संशोधन को भी मंजूरी दी। इसके तहत पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड फाइबर इंटरनेट नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा।

इससे स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी संस्थानों तक डिजिटल कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य नेटवर्क की उपलब्धता को लगभग 99 प्रतिशत तक बनाए रखना है।

प्राइवेट ITI में 50 फीसदी सीटों पर प्रवेश परीक्षा

सरकारी और निजी ITI में दाखिले की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। नए प्रावधान के तहत निजी ITI की 50 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश BCECEB की परीक्षा के माध्यम से कराया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इससे दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

रिटायर्ड IAS संजय कुमार को एक साल का कार्यकाल

कैबिनेट ने सेवानिवृत्त IAS अधिकारी संजय कुमार को संविदा के आधार पर एक और वर्ष के लिए नियुक्त करने की स्वीकृति दी है। उनका नया कार्यकाल 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2027 तक रहेगा।

सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन संबंधी रोक हटेगी

ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप वाले क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण से संबंधित प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया गया है। अंतिम विकास योजना जारी होने के बाद इन इलाकों में निर्माण और विकास कार्य निर्धारित DCR नियमों के अनुसार किए जा सकेंगे।

प्राइवेट B.Ed संस्थानों में बढ़ेंगे कोर्स के विकल्प

कैबिनेट ने निजी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव भी मंजूर किया है। अब केवल B.Ed की पढ़ाई कराने वाले निजी संस्थान निर्धारित नियमों के तहत कला, विज्ञान, वाणिज्य और कौशल आधारित स्नातक पाठ्यक्रम भी संचालित कर सकेंगे।

इस कदम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उच्च शिक्षा के विकल्पों का विस्तार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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