धनबाद | 2 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU), धनबाद में प्रशासनिक नीतियों और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आजसू छात्र संघ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय के कुलपति और अधिकारियों की कार्यशैली के खिलाफ छात्र संघ से जुड़े विद्यार्थी सोमवार को विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए।
आंदोलनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी करने और कई मामलों में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया है। छात्र संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
वित्तीय अनियमितताओं का लगाया आरोप
आजसू छात्र संघ के प्रदेश सचिव विशाल महतो ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर वित्तीय गड़बड़ियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जरूरत है।
हालांकि, वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष खबर में उपलब्ध नहीं है।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग
विशाल महतो ने कहा कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा का नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं किया गया है। इससे परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
उन्होंने सीनेट की बैठक और दीक्षांत समारोह को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। छात्र संघ का आरोप है कि इन मुद्दों पर अब तक विश्वविद्यालय की ओर से लिखित जवाब नहीं दिया गया है।
आउटसोर्सिंग निविदा प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
आजसू छात्र संघ ने विश्वविद्यालय की आउटसोर्सिंग निविदा प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई है। विशाल महतो ने मांग की कि पहले जारी की गई निविदा को निरस्त कर झारखंड सरकार की ओर से निर्धारित नवीनतम न्यूनतम मजदूरी और संशोधित वीडीए दरों के आधार पर दोबारा टेंडर जारी किया जाए।
उनका कहना है कि नई निविदा में लागू श्रम नियमों और निर्धारित मजदूरी दरों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
MSME और श्रम सहकारी समितियों को छूट देने की मांग
संघ ने केंद्र और राज्य सरकार की प्रचलित नीतियों तथा गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के प्रावधानों के अनुरूप पात्र सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) इकाइयों और श्रम सहकारी समितियों को नियमानुसार छूट देने की मांग की है।
विशाल महतो के अनुसार, पात्र इकाइयों को टर्नओवर, कार्यानुभव और अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) में नियमों के तहत राहत मिलनी चाहिए। इससे छोटी इकाइयों और श्रम सहकारी समितियों को भी निविदा प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिल सकेगा।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
आजसू छात्र संघ से जुड़े आंदोलनकारियों ने कहा है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाता, तब तक अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा।
अब इस आंदोलन पर विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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