हजारीबाग: पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) और बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त प्रयास से गुरुवार को हजारीबाग के एक निजी होटल में वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। “बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण परिवारों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के महत्व और वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।
- कार्यक्रम का उद्घाटन पीएफआरडीए के उप महाप्रबंधक मनीष मणि, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक (DDM) रिचा भारती, झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक भोला दानी, बैंक ऑफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक खिरोड़ चंद साहू, एसएलबीसी के उप महाप्रबंधक संतोष कुमार सिन्हा और अग्रणी जिला प्रबंधक किशोर कुमार सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
- कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बदलती सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में प्रत्येक व्यक्ति के लिए भविष्य की वित्तीय योजना बनाना आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि किसानों और छोटे कारोबारियों की आय अक्सर मौसम और बाजार की स्थिति पर निर्भर करती है, इसलिए नियमित बचत के माध्यम से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से जुड़ना भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रभावी उपाय हो सकता है।
- इस दौरान डॉक्यूमेंट्री और प्रस्तुति के माध्यम से पीएफआरडीए की भूमिका, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली की कार्यप्रणाली तथा इसके दीर्घकालिक लाभों की जानकारी दी गई। किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), कृषि श्रमिकों, ग्रामीण कारीगरों और छोटे उद्यमियों को एनपीएस में पंजीकरण की प्रक्रिया, निवेश विकल्पों और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया।
- कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को पेंशन एजेंट के रूप में जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके माध्यम से एनपीएस संचय योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, साथ ही संबंधित संस्थाओं को प्रोत्साहन राशि देने की भी योजना है।
सत्र के दौरान पुरानी पेंशन योजना (OPS), राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS), अटल पेंशन योजना (APY), एनपीएस वात्सल्य और एनपीएस संचय योजना की प्रमुख विशेषताओं और लाभों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों से नियमित बचत की आदत अपनाने और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए उपयुक्त पेंशन योजनाओं से जुड़ने की अपील की।


