Tuesday, June 16, 2026

सूर्य किसी भी राशि में करीब एक महीने ही रहते हैं.

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 हिंदू शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का पिता माना जाता है. इसका स्थान भी उच्च का माना जाता है. जब सूर्यदेव एक राशि से दूसरे में गोचर करते हैं तो मौसम में बदलाव देखा जाता है. इसका असर मानव जाति पर भी पड़ता है. हिंदू धर्म में पंचांग के भी विशेष महत्व है. इसके अनुसार सूर्य हर महीने अपनी राशि परवर्तित करते हैं. ऐसा ही एक मौका आज सोमवार को आया है.

इस संबंध में लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र ने बताया कि सूर्यदेव आज सोमवार 15 जून 2026 को मिथुन राशि में गोचर करेंगे. अभी तक वे वृषभ राशि में संचरण कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सूर्य का यह राशि परिवर्तन अगले एक महीने तक सभी राशियों को प्रभावित करेगा. वहीं, इनमें से 4 राशियों के भाग्य भी खुलेंगे.

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक सूर्य किसी भी राशि में एक महीने तक रहते हैं. आइये विस्तार से जानते हैं .

  1. मेष राशि
    सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश मेष राशि के लिए प्रगति और उपलब्धियों के नए द्वार खोल सकता है. नौकरीपेशा लोगों को अपने काम का बेहतर परिणाम देखने को मिलेगा और पदोन्नति या नई जिम्मेदारियों के अवसर भी सामने आ सकते हैं. पिता या पिता समान व्यक्ति का सहयोग कई महत्वपूर्ण मामलों में आपके काम आएगा. आर्थिक दृष्टि से भी आप भविष्य को ध्यान में रखकर कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं. आत्मविश्वास बढ़ेगा और अपने लक्ष्य को लेकर आपका दृष्टिकोण पहले से अधिक स्पष्ट रहेगा.
    उपाय: प्रतिदिन गायत्री चालीसा का पाठ करें, इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा.
  2. वृषभ राशि
    सूर्य की मिथुन संक्रांति इस राशि के पारिवारिक जीवन में कुछ सुखद अनुभव लेकर आ सकती है. परिवार के साथ कहीं घूमने-फिरने या समय बिताने का अवसर मिलेगा, जिससे रिश्तों में और मधुरता आएगी. आंखों से जुड़ी किसी छोटी समस्या को नजरअंदाज न करें और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें. वाहन चलाते समय भी पूरी सावधानी बरतना आवश्यक होगा. छोटी-सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है, इसलिए हर काम में सतर्कता बनाए रखें.
    उपाय: रोज सूर्य मंत्र का जप करें, इससे आत्मबल में वृद्धि होगी.
  3. मिथुन राशि
    सूर्य अब पूरे एक महीने तक आपकी राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे आपके व्यक्तित्व का प्रभाव बढ़ेगा. आपकी बातों में आत्मविश्वास दिखाई देगा और लोग आपके विचारों को महत्व देंगे. वैवाहिक जीवन में कुछ विषयों को लेकर मतभेद की स्थिति बन सकती है, इसलिए संवाद बनाए रखना जरूरी होगा. व्यापारिक साझेदारी में भी किसी मुद्दे पर राय अलग होने से बहस हो सकती है. संयम और समझदारी के साथ काम लेने पर स्थितियां आसानी से संभाली जा सकेंगी.
    उपाय: महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले कुछ पल शांत बैठकर विचार अवश्य करें.
  4. कर्क राशि
    मिथुन संक्रांति के बाद का यह समय आपके लिए सामान्य लेकिन उपयोगी साबित हो सकता है. आर्थिक मामलों को लेकर आपकी गंभीरता बढ़ेगी और निवेश की दिशा में सोच-विचार कर सकते हैं. मन में कुछ नया शुरू करने की इच्छा जागेगी और आप नई योजनाओं पर काम करना चाहेंगे. यदि पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई मामला लंबे समय से अटका हुआ है, तो समाधान निकलने की संभावना बनेगी. धैर्य बनाए रखने पर कई पुराने उलझे हुए विषय धीरे-धीरे सुलझते दिखाई देंगे.
    उपाय: दिन की शुरुआत पिता या घर के बड़ों का आशीर्वाद लेकर करें.
  5. सिंह राशि
    सूर्य का मिथुन राशि में आगमन आपके सामाजिक दायरे को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है. प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ेंगे और उच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों के साथ परिचय होने की संभावना रहेगी. आपकी पहचान का दायरा विस्तृत होगा और लोग आपके कार्यों को गंभीरता से लेने लगेंगे. नए मित्र बन सकते हैं और कुछ ऐसे संबंध भी स्थापित होंगे जो आगे चलकर लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं. समाज में आपका प्रभाव पहले से अधिक मजबूत दिखाई देगा.
    उपाय: सूर्य को जल अर्पित करते समय उसमें थोड़ा कुमकुम मिलाएं।यह उपाय सम्मान और आत्मविश्वास में वृद्धि करने वाला माना जाता है.
  6. कन्या राशि
    मिथुन राशि में सूर्य का गोचर आपको संयम और सावधानी के साथ आगे बढ़ने की सलाह दे रहा है. कार्यक्षेत्र में कुछ नए अवसर सामने आ सकते हैं, जो भविष्य के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे. रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को भी सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं. स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही करना उचित नहीं होगा, इसलिए दिनचर्या और खान-पान पर ध्यान दें. सोच-समझकर उठाया गया कदम आपके लिए बेहतर परिणाम लेकर आएगा.
    उपाय: भगवान शिव का स्मरण मानसिक शांति और स्थिरता प्रदान करेगा.
  7. तुला राशि
    मिथुन संक्रांति आपके साहस और प्रयासों को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है. अपने कार्यों को लेकर आप पहले से अधिक सक्रिय रहेंगे और नई जिम्मेदारियां भी संभाल सकते हैं. सफलता जरूर मिलेगी, लेकिन उसके लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी. किसी यात्रा की योजना बन सकती है, जो आपके लिए लाभदायक अनुभव लेकर आएगी. अपने प्रयासों में निरंतरता बनाए रखेंगे तो अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे.
    उपाय: माता मातंगी की आराधना करें और उनका ध्यान करें।इससे मानसिक स्पष्टता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी.
  8. वृश्चिक राशि
    सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश आपको अधिक सतर्क रहने का संकेत दे रहा है. वाहन चलाते समय विशेष ध्यान रखें और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचें. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करते समय भी सावधानी आवश्यक होगी. ससुराल पक्ष के लोगों के साथ बातचीत में संयम बनाए रखना बेहतर रहेगा, क्योंकि छोटी बात भी मतभेद का रूप ले सकती है. धैर्य और समझदारी से काम लेने पर अनावश्यक परेशानियों से बचा जा सकेगा.
    उपाय: प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें और उनका स्मरण करें।इससे आत्मबल बढ़ेगा और मन में सकारात्मकता बनी रहेगी.
  9. धनु राशि
    मिथुन संक्रांति के बाद का समय आपकी अपेक्षाओं के अनुरूप तेज़ परिणाम देने वाला नहीं दिखाई देता. कई मामलों में धैर्य की आवश्यकता रहेगी और जल्दबाजी से लिए गए निर्णय नुकसान पहुंचा सकते हैं. अपने विचारों को लेकर अधिक कठोर रवैया अपनाने से बचें और दूसरों के दृष्टिकोण को भी समझने का प्रयास करें. रिश्तों और कार्यक्षेत्र दोनों में संतुलित व्यवहार आपको लाभ देगा. धीरे-धीरे परिस्थितियां आपके पक्ष में आने लगेंगी.
    उपाय: जरूरतमंद लोगों को गुड़ का दान करें।यह उपाय सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने और बाधाओं को कम करने में सहायक रहेगा.
  10. मकर राशि
    सूर्य का यह राशि परिवर्तन आपके लिए कई मामलों में राहत देने वाला साबित हो सकता है. यदि कोई कानूनी विवाद या कोर्ट-कचहरी से जुड़ा विषय चल रहा है, तो उसमें सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है. विरोधी सक्रिय रहेंगे, लेकिन आपकी समझदारी और रणनीति उनके प्रयासों को कमजोर कर देगी. कार्यक्षेत्र में भी आपकी स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।. कई मामलों में आप अपने पक्ष को प्रभावी ढंग से रखने में सफल रहेंगे.
    उपाय: प्रतिदिन सूर्य चालीसा का पाठ करें।यह उपाय आत्मबल बढ़ाने और कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है.
  11. कुंभ राशि
    मिथुन राशि में सूर्य का गोचर आपको कुछ नया और अलग करने की प्रेरणा देगा. आप अपनी सामान्य कार्यशैली से हटकर नए प्रयोग करने का प्रयास कर सकते हैं. शिक्षा या संतान से जुड़े किसी विषय को लेकर मन में चिंता बनी रह सकती है, लेकिन जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा. समय के साथ स्थिति स्पष्ट होती जाएगी और समाधान भी सामने आएगा. धैर्य बनाए रखना इस अवधि की सबसे बड़ी आवश्यकता होगी.
    उपाय: रोज सूर्य को अर्घ्य दें और उनका स्मरण करें। इससे आत्मविश्वास और मानसिक स्पष्टता दोनों में वृद्धि होगी.
  12. मीन राशि
    मिथुन संक्रांति का यह चरण आपके लिए संतोष और प्रसन्नता लेकर आ सकता है. घर-परिवार में किसी महत्वपूर्ण कार्य की रूपरेखा बन सकती है या कोई शुभ कार्य संपन्न हो सकता है. धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रुचि बढ़ेगी तथा किसी मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर भी मिल सकता है. वाहन खरीदने या घर की सुविधाओं में वृद्धि करने संबंधी योजना भी बन सकती है. कुल मिलाकर वातावरण आपके लिए सुखद और संतोषजनक बना रहेगा.
    उपाय: सूर्य के बीज मंत्रों का नियमित जप करें।सुबह सूर्य का स्मरण करते हुए दिन की शुरुआत करना आपके लिए शुभ रहेगा.

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