इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर मौजूद NASA की एस्ट्रोनॉट जेसिका मीर ने ‘सदर्न लाइट्स’ का एक टाइम-लैप्स वीडियो शेयर किया, जिसमें वे किसी सांप की तरह लहराती हुई नज़र आ रही थीं. यह वीडियो SpaceX, Dragon स्पेसक्राफ्ट से तब रिकॉर्ड किया गया था, जब एस्ट्रोनॉट ISS जा रही थीं. इसमें अंटार्कटिका के आसमान में ‘ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस’ को कैद किया गया था.
सोशल मीडिया पर इस नज़ारे का वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि, “मैंने पहले जो ऑरोरा देखे हैं, उनके मुकाबले यह वाला ठीक हमारे नीचे नाचता और लहराता हुआ आगे बढ़ रहा था और एक शानदार नज़ारा पेश कर रहा था. मैं इस अलौकिक और दिल को छू लेने वाली घटना से बहुत प्रभावित हूं.”
अंतरिक्ष यात्री ने बताया कि सदर्न लाइट्स हाल ही में हुई एक सौर घटना का परिणाम था. गौरतलब है कि अरोरा तब होता है, जब सूर्य से आने वाले आवेशित कण, सौर हवाओं द्वारा पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में मौजूद गैसों से टकराते हैं. पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र इन कणों को ध्रुवों की ओर निर्देशित करता है, जहां वे ऑक्सीजन और नाइट्रोजन से टकराते हैं, जिससे रंगीन, गतिशील लाइट्स की पट्टियां बनती हैं.
सदर्न लाइट्स (ऑरा ऑस्ट्रेलिस) उतनी ही बार होता है, जितनी नॉर्दन लाइट्स (ऑरा बोरेलिस) होता है, लेकिन क्योंकि यह मुख्य रूप से अंटार्कटिका के ऊपर दिखाई देता है, जहां बहुत कम लोग रहते हैं, इसलिए इसे पृथ्वी से शायद ही कभी देखा जा सकता है या इसकी फोटो खींची जा सकती है.
एक और पोस्ट में, मीर ने लाइट्स की कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जो शायद इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से ली गई थीं, और कहा कि, “अभी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर बहुत कुछ हो रहा है, लेकिन अच्छी बात यह है कि हम सभी सुरक्षित हैं.”
माना जा रहा है कि अंतरिक्ष यात्री स्टेशन पर हाल ही में हुई एयर लीक की समस्या के बारे में बात कर रहे हैं. इस समस्या की वजह से स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को कुछ समय के लिए डॉक किए गए SpaceX Dragon स्पेसक्राफ्ट में शरण लेनी पड़ी थी, जिसका इस्तेमाल उन्होंने लाइफबोट की तरह किया.
यह लीक स्टेशन के रूसी हिस्से, यानी ‘ज़्वेज़्दा सर्विस मॉड्यूल’ में मौजूद ‘PRK’ नाम के ट्रांसफ़र टनल के पास हुई थी. इस इलाके में दरारों पर 2019 से नज़र रखी जा रही थी, लेकिन ‘प्रोग्रेस 95’ स्पेसक्राफ्ट से जुड़े हालिया कार्गो ऑपरेशन के दौरान पता चला कि लीक की दर बढ़कर दो पाउंड प्रति दिन हो गई है, जिसके बाद रॉसकॉसमॉस ने इस मामले की और जांच करने का फ़ैसला किया.
लीक की बढ़ती दर को देखते हुए, NASA ने SpaceX Crew-12 के चार सदस्यों और Soyuz MS-28 से आए NASA एस्ट्रोनॉट क्रिस विलियम्स को सुरक्षित ठिकाने के तौर पर ड्रैगन कैप्सूल में जाने का निर्देश दिया.
उसी दिन बाद में, Roscosmos ने तय किए गए स्ट्रक्चरल मरम्मत के काम को रोकने का फ़ैसला किया और अतिरिक्त माप और आकलन किए. इनमें लीक होने की आशंका वाली जगहों की जांच और उन इलाकों की समीक्षा शामिल थी, जहां पहले सीलेंट लगाया गया था.
PrK ट्रांसफर चैंबर में प्रेशर बढ़ाने के दौरान, उन्होंने हवा के रिसाव वाली दो संभावित जगहों की पहचान की थी. पहले रिसाव को ‘Germetall-1’ नाम के दो-कम्पोनेंट वाले सीलेंट से सील कर दिया गया, जबकि दूसरी जगह को सील करने की तैयारी चल रही थी. NASA ने सुरक्षा पर ज़ोर देते हुए मरम्मत के काम को टालने के फ़ैसले का समर्थन किया. दोबारा जांच के बाद, क्रू ने ISS पर सामान्य कामकाज फिर से शुरू कर दिया.


