इंटरनेशलन स्पेस स्टेशन यानी ISS पर एक बार फिर मुसीबत आ गई है. शुक्रवार को नासा ने स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों रो अस्थाई रूप से डॉक्ड SpaceX Dragon कैप्सूल में चले जाने का निर्देश दिया है. यह कदम तब उठाया गया, जब रूस की अंतरिक्ष एजेंसी Roscosmos स्टेशन के एक हिस्से में लंबे समय से चल रहे हवा के रिसाव की जांच और मरम्मत की तैयारी कर रही थी.
यह मामला इंटरनेटशनल स्पेस स्टेशन के Zvezda सर्विस मॉड्यूल में मौजूद PrK नाम के ट्रांसफर टनल से जुड़ा है. इस हिस्से में साल 2019 में दरारें आ रही हैं, जिनके कारण वायुमंडलीय रिसाव (atmospheric leakage) होता है.
उस वक्त से Roscosmos इस पर नजर रखती आई है और समय-समय पर आंशिक मरम्मत भी करती रही है. लेकिन 1 जून के सप्ताह में Progress 95 स्पेसक्राफ्ट की कार्गो ऑपरेशन के दौरान Roscosmos को PrK में रिसाव की दर बढ़कर प्रतिदिन दो पाउंड तक पहुंचने का पता चला. इसके अलावा नए संदिग्ध रिसाव वाले स्थान भी सामने आए, जिसके बाद एजेंसी ने व्यापक जांच और संरचनात्मक मरम्मत का फैसला किया.

फाइल फोटो: NASA की अंतरिक्ष यात्री और एक्सपेडिशन 72 की कमांडर सुनी विलियम्स (बीच में) SpaceX ड्रैगन क्रू स्पेसक्राफ्ट के पास एक प्लेनर रिफ्लेक्टर को बदलती हुई दिखाई दे रही हैं। यह एक एडवांस्ड नेविगेशनल हार्डवेयर है, जिसका इस्तेमाल इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के पास पहुँचने वाले वाहन करते हैं. (Picture Credits: NASA)
क्यों दी गई “Safe Haven” की चेतावनी?
मरम्मत करने के लिए एक ब्रैकेट काटकर संदिग्ध रिसाव स्थान तक पहुंचने की कोशिश की जानी थी. नासा के अनुसार इस प्रोसेस से प्रभावित हिस्से की कंस्ट्रक्शन पर खतरा बढ़ सकता था. इसी सावधानी को ध्यान में रखते हुए SpaceX Crew-12 के चारों सदस्यों और Soyuz MS-28 से आए नासा अंतरिक्ष यात्री क्रिस विलियम्स को “सेफ हेवन” स्थिति में SpaceX Dragon कैप्सूल में भेजा गया. आपको बता दें कि एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का यह ड्रैगन कैप्सूल एक इमरजेंसी लाइफबोट की तरह काम करता है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल एक्ज़िट किया जा सके.
हालांकि, अंतरक्षिर यात्रियों के स्पेस स्टेशन से ड्रैगन कैप्सूल में जाने के बाद Roscosmos ने नियोजित संरचनात्मक मरम्मत को फिलहाल रोकने का फैसला किया और इसकी जगह अतिरिक्त माप और डेटा वैल्यूशन का काम शुरू कर दिया है. Roscosmos के बयान के मुताबिक कॉस्मोनॉट्स ने PrK को दबाव में रखते हुए दो संभावित रिसाव यानी लीक होने वाले स्थानों का पता लगाया. पहले स्थान पर “Germetall-1” नाम के दो-घटक सीलेंट की पहली परत लगाकर उसे तुरंत बंद किया गया. दूसरा स्थान PrK के हिस्से पर है, जहां सीलिंग का काम चल रहा है.

फ़ाइल फ़ोटो: NASA के अंतरिक्ष यात्री और एक्सपेडिशन 72 के फ़्लाइट इंजीनियर बुच विल्मोर, पांच घंटे 26 मिनट के स्पेस वॉक के दौरान इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के बाहर काम करते हुए. (Picture Credits: NASA)
नासा ने सरम्मत स्थगित करने वाले रूसी स्पेस एजेंसी के फैसले का पूरा समर्थन किया है और कहा कि आज की कार्रवाई में काफी ज्यादा सावधानी बरती गई. रिपेयर का काम रुखने के बाद सभी अंतरिक्ष यात्री सेफ हेवन से बाहर आ गए और स्टेशन पर सामान्य गतिविधियां फिर से शुर हो गईं.
आपको बता दें कि अमेरिका और रूस की स्पेस एजेंसियां मिलकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के संचालन की जिम्मेदारी को संभालते हैं. यह स्टेशन लगातार इंसानों की मौजूदगी वाला अंतरिक्ष में एक ठिकाना बन चुका है और 2030 में इसे प्रशांत महासागर के एक गहरे हिस्से में नियंत्रित तरीके से गिराने की योजना है.


