मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रोजेक्ट भवन में मीडिया से बात कर रहे थे. उन्होंने अवैध घुसपैठ का आबादी पर असर जांचने के लिए केंद्र सरकार की ओर से गठित समिति के सवाल पर कहा कि यह महंगाई जैसे असल मुद्दों से जनता को भटकाने के लिए उठाया गया कदम है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड के सीमावर्ती जिलों में डिटेंशन सेंटर खोलने की मांग असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति है. उन्होंने कहा कि भाजपा 2014 से ही इस मुद्दे को उठाती रही है, लेकिन इसका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया.
हमेशा से घुसपैठ की बात करती है भाजपा : हेमंत
सीएम ने कहा कि जब से भाजपा की केंद्र में सरकार बनी है तभी से घुसपैठ की बातें कर रही है. यह कोई नयी बात नहीं है. श्री सोरेन ने कहा कि वे (भाजपा) डिटेंशन सेंटर की बात कर रहे हैं. असम में भी इस मुद्दे पर खूब शोर मचाया गया था, लेकिन वहां क्या हुआ? ये सब ध्यान भटकाने की कोशिश है. इस संदर्भ में कही गयी पहले की बातें का फलाफल क्या हुआ उस पर कोई बात नहीं कर रहा है. निश्चित रूप से अगर घुसपैठ जैसी गतिविधियां होती हैं तो वह गलत है. लेकिन इसे रोकना, ऐसी स्थिति को सही करना पूरी तरह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है. डिटेंशन सेंटर कोई नयी बात नहीं, यहां पहले भी खुले हैं. अब सीमावर्ती के अलावा रांची और हर पंचायतों में भी डिटेंशन सेंटर खोलेंगे क्या
महंगाई पर बात नहीं करते : हेमंत सोरेन
सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार के जो काम हैं, उस पर बात नहीं की जा रही है. कोई महंगाई और पेट्रोल – डीजल की बढ़ती कीमतों पर बात नहीं कर रहा. सस्ते दाम पर कच्चा तेल बेचने वाले देशों से ईंधन खरीदने में दिक्कत क्यों हो रही है, इस पर भी सवाल नहीं उठाये जा रहे. हम खुद को विश्वगुरु कहते हैं, लेकिन दुनिया की सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्था बनने की बात करने वालों की हकीकत सभी को मालूम है. उन्होंने कहा कि आज देश में महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन इन पर चर्चा नहीं की जा रही है.
सीएम ने कहा कि हर राज्य, समाज की अपनी जरूरत और तरीके अलग-अलग होती है. झारखंड के मूलवासी गुजरात के नहीं है. उनकी सरकार झारखंड के लोगों को ध्यान में रख कर काम करती है, लेकिन केंद्र सरकार कुछ खास लोगों को ध्यान में रख कर काम कर रही है.


