Wednesday, May 27, 2026

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 51,156 छात्रों को अभी भी राशि का इंतजार है, जबकि 597 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है.

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बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 51,156 छात्रों को अभी भी राशि का इंतजार है, जबकि 597 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। पोर्टल की तकनीकी खराबी और समय पर आवंटन न होने से योजना में देरी हो रही है।

पटना। Bihar State Education Finance Corporation की स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना ने राज्य के हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद की है, लेकिन हाल के दिनों में योजना के क्रियान्वयन में हो रही देरी विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा रही है। समय पर राशि नहीं मिलने से कई परिवार आर्थिक दबाव झेलने को मजबूर हैं।

राज्य में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान योजना का लाभ लेने के लिए कुल 1 लाख 24 हजार 359 विद्यार्थियों ने आवेदन किया।

इनमें से 97,580 आवेदनों को स्वीकृति दी गई, लेकिन स्वीकृत आवेदनों के मुकाबले अब तक केवल 46,384 विद्यार्थियों को ही योजना का लाभ मिल पाया है।

597 करोड़ रुपये का भुगतान, फिर भी हजारों छात्र इंतजार में

बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम द्वारा लाभार्थी विद्यार्थियों के शिक्षण संस्थानों को अब तक 597 करोड़ 82 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।

इसके बावजूद 51,156 विद्यार्थियों को अभी भी योजना की राशि मिलने का इंतजार है।

राशि समय पर नहीं मिलने से कई अभिभावकों को अपने स्तर से फीस जमा करनी पड़ रही है।

इससे मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। कई छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित होने लगी है।

चालू वित्तीय वर्ष में 20 हजार से अधिक आवेदन स्वीकृत

चालू वित्तीय वर्ष में अब तक स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 20,094 आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है।

इन लाभुकों से संबंधित शिक्षण संस्थानों को 247 करोड़ 70 लाख रुपये का भुगतान भी किया गया है।

हालांकि फिलहाल नए आवेदन जमा नहीं हो पा रहे हैं। तकनीकी कारणों से पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया बाधित है।

इससे नए विद्यार्थियों को योजना का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।

तकनीकी खराबी और पोर्टल समस्या बनी बड़ी वजह

अधिकारियों के अनुसार योजना में देरी की सबसे बड़ी वजह समय पर राशि आवंटन नहीं होना है।

कई बार पोर्टल के सर्वर में तकनीकी खराबी आने से आवेदनों का सत्यापन समय पर नहीं हो सका।

इसके अलावा जिस एजेंसी के अधीन पोर्टल संचालित हो रहा है, उसके साथ योजना एवं विकास विभाग का करार विस्तार भी करीब तीन माह तक लंबित रहा।

इससे भी काम प्रभावित हुआ। अब विभाग द्वारा इन समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

लंबित भुगतान जल्द करने का दावा

इस मामले में बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के अधिकारियों का कहना है कि लंबित आवेदनों के भुगतान की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

विभाग का दावा है कि तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर विद्यार्थियों को शीघ्र राहत दी जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का लाभ समय पर मिले तो राज्य के हजारों मेधावी छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा की राह आसान हो सकती है।

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