Sunday, April 26, 2026

 वैशाख पूर्णिमा का महत्व, तिथि और चंद्र दोष दूर करने के प्रभावी उपाय जानें।

Share

वैशाख पूर्णिमा हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की 15वीं तिथि यानी पूर्णिमा को मनाई जाती है. यह दिन सनातन धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन स्नान, दान और व्रत करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है. इस दिन भक्त श्रद्धा के साथ भगवान सत्य नारायण, माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा करते हैं, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.

कब है वैशाख पूर्णिमा 2026

वर्ष 2026 में वैशाख पूर्णिमा 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात 8 बजकर 17 मिनट से शुरू होकर 1 मई की रात 9 बजकर 27 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर इसका महत्व 1 मई को माना गया है. इस दिन गंगा स्नान, भगवान विष्णु की पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है.

वैशाख पूर्णिमा का महत्व

यह दिन चंद्रमा की पूर्ण अवस्था का प्रतीक है, जो मन और भावनाओं पर गहरा प्रभाव डालता है. इसलिए मानसिक शांति और संतुलन के लिए यह दिन खास माना जाता है. विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष होता है, उनके लिए यह दिन बेहद लाभकारी होता है.

चंद्र दोष क्या है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब चंद्रमा कमजोर या अशुभ स्थिति में होता है, तो व्यक्ति को मानसिक तनाव, चिंता, अनिद्रा और निर्णय लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसी स्थिति को चंद्र दोष कहा जाता है.

चंद्र दोष दूर करने के उपाय

वैशाख पूर्णिमा की रात चंद्रमा को कच्चे दूध, जल और शक्कर मिलाकर अर्घ्य देना चाहिए. इसके बाद “ॐ सोमाय नमः” मंत्र का 108 बार जप करें. सफेद वस्त्र पहनें और चावल, दूध या सफेद मिठाई का दान करें. राशि के अनुसार दान करना भी विशेष फलदायी माना जाता है.

उपाय के लाभ

इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से मानसिक शांति मिलती है, तनाव कम होता है और चंद्र दोष के दुष्प्रभाव धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं. साथ ही, जीवन में सकारात्मकता, स्थिरता और सुख-समृद्धि का आगमन होता है.

Read more

Local News