Saturday, April 18, 2026

पीआईबी ने पुराने ₹500-1000 के नोट बदलने की खबरों को फर्जी बताया, आरबीआई ने ऐसी कोई नई गाइडलाइन या विनिमय नियम जारी नहीं किए हैं.

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नई दिल्ली: सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पिछले कुछ दिनों से चल रही उन खबरों को केंद्र सरकार ने पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बंद हो चुके ₹500 और ₹1,000 के नोटों को बदलने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक यूनिट ने इन दावों को “फर्जी” (Fake) करार देते हुए स्पष्ट किया है कि आरबीआई ने ऐसी कोई भी घोषणा नहीं की है.

क्या है पूरा मामला?
हाल ही में इंटरनेट पर कुछ फर्जी रिपोर्ट्स और संदेश वायरल हुए थे, जिनमें यह कहा गया था कि आरबीआई ने उन लोगों के लिए एक नया अवसर दिया है जिनके पास अभी भी 2016 की नोटबंदी के समय के पुराने ₹500 और ₹1,000 के नोट बचे हुए हैं. इन संदेशों में दावा किया गया था कि आरबीआई के नए नियमों के तहत अब इन नोटों को बदला जा सकता है.

PIB और सरकार का आधिकारिक बयान
PIB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से जनता को आगाह करते हुए कहा, “कुछ समाचार रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बंद हो चुकी मुद्रा को बदलने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. यह दावा पूरी तरह फर्जी है. आरबीआई ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है.”

सरकार ने दोहराया है कि वित्तीय नियमों और मुद्रा से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल भारतीय रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट (rbi.org.in) ही एकमात्र विश्वसनीय स्रोत है.

सतर्क रहने की सलाह
अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित संदेश को आगे (Forward) न भेजें. ऐसे संदेशों के जरिए अक्सर जालसाज लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं.

संदिग्ध खबरों की रिपोर्ट कहां करें?
यदि आपको केंद्र सरकार से जुड़ा कोई संदिग्ध संदेश, फोटो या वीडियो मिलता है, तो आप उसे पुष्टि के लिए PIB फैक्ट चेक यूनिट को भेज सकते हैं:

  • व्हाट्सएप (WhatsApp): +91 8799711259
  • ईमेल (Email): factcheck@pib.gov.in

अन्य फर्जी अफवाहों का भी हुआ पर्दाफाश
हाल ही में एक और अफवाह उड़ी थी कि ₹500 के नए नोट भी मार्च 2026 तक बंद कर दिए जाएंगे. PIB ने इस पर भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान ₹500 के नोट वैध मुद्रा (Legal Tender) बने रहेंगे और उन्हें बंद करने की कोई योजना नहीं है.

जनता को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों और विश्वसनीय समाचार माध्यमों पर ही भरोसा करें.

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