Saturday, April 18, 2026

रिलायंस जियो मई में भारत का सबसे बड़ा ₹50,000 करोड़ का आईपीओ ला सकता है, 19 बैंकों की मदद से यह ऐतिहासिक लिस्टिंग होगी.

Share

मुंबई: भारतीय कॉर्पोरेट जगत और शेयर बाजार के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) अपनी डिजिटल और टेलीकॉम शाखा, ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की अंतिम तैयारी कर रही है. ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी मई 2026 में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकती है.

इतिहास रचने की ओर: सबसे बड़ा IPO
विशेषज्ञों का अनुमान है कि जियो का यह आईपीओ ₹40,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ के बीच का हो सकता है. यदि ऐसा होता है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया (₹27,870 करोड़) और एलआईसी (LIC) के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा. बाजार विश्लेषकों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल मूल्यांकन (Valuation) $130 अरब से $180 अरब के बीच रहने की संभावना है.

रणनीतिक देरी और नए आंकड़ों का लाभ
शुरुआत में कंपनी की योजना मार्च 2026 तक दस्तावेज जमा करने की थी, लेकिन वैश्विक बाजार की अनिश्चितता और ईरान-यूएस तनाव के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया. इस देरी का एक रणनीतिक लाभ यह है कि अब कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के पूरे वार्षिक नतीजे निवेशकों के सामने रख पाएगी. हालिया टैरिफ वृद्धि और 5G सेवाओं के विस्तार के बाद जियो के प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है, जो उच्च वैल्यूएशन दिलाने में मदद करेगा.

बैंकों की बड़ी फौज और निवेशकों का उत्साह
इस मेगा इश्यू को सफलतापूर्वक मैनेज करने के लिए रिलायंस ने 19 घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेश बैंकों को नियुक्त किया है. इसमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टैनली, गोल्डमैन सैक्स और जेएम फाइनेंशियल जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं. जियो प्लेटफॉर्म्स में पहले से ही गूगल (Google) और मेटा (Meta) जैसे वैश्विक दिग्गजों की हिस्सेदारी है, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भरोसा और बढ़ गया है.

निवेशकों के लिए क्या है खास?
रिलायंस समूह लगभग दो दशकों के बाद अपने किसी बड़े उपक्रम का आईपीओ ला रहा है. निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए कोई विशेष कोटा या डिस्काउंट रखा जाएगा. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जियो की लिस्टिंग से न केवल रिलायंस के शेयरधारकों की वैल्यू अनलॉकिंग होगी, बल्कि यह भारतीय शेयर बाजार में तरलता (Liquidity) के नए स्रोत भी खोलेगा.

Read more

Local News