पटना। हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व माना जाता है। खरमास की शुरुआत 14 मार्च से हो रही। इसके साथ ही एक माह तक सभी शुभ एवं मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने के साथ ही खरमास समाप्त होगा।
इसके बाद फिर से विवाह सहित अन्य शुभ कार्य शुरू हो सकेंगे। ज्योतिषाचार्य राकेश झा के अनुसार विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए गुरु, शुक्र और सूर्य का शुभ होना आवश्यक होता है। मीन राशि की संक्रांति होने के कारण लगभग एक महीने तक खरमास रहेगा।
इस दौरान शादी-विवाह जैसे कार्य नहीं किए जाएंगे। खरमास में भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होता है। वहीं, अप्रैल में बनारसी पंचांग में 38 दिन और मिथिला पंचांग के अनुसार 21 दिन विवाह के लिए शुभ मुहूर्त है।
शास्त्रों के अनुसार विवाह के लिए शुभ लग्न और मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। शादी-ब्याह के लिए वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु और मीन लग्न को शुभ माना गया है।
बनारसी पंचांग के अनुसार
- अप्रैल: 15, 16, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29, 30
- मई: 1, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 12, 13, 14
- जून: 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29
- जुलाई: 1, 2, 6, 7, 8, 11, 12
मिथिला पंचांग
- अप्रैल: 17, 20, 26, 30
- मई: 1, 6, 8, 10, 13
- जून: 19, 24, 25, 26, 28, 29
- जुलाई: 1, 2, 3, 6, 9, 12


