Wednesday, March 11, 2026

एलपीजी किल्लत के कारण IRCTC ने स्टेशनों पर वैकल्पिक कुकिंग के निर्देश दिए हैं यात्री सावधानीवश अपना खाना साथ रखें.

Share

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच भारत में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है. इस स्थिति का सीधा असर रेलवे की खान-पान सेवाओं पर पड़ा है. इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने बुधवार को अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को एक आपातकालीन निर्देश जारी किया है. इसमें व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कमी को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर स्थित खान-पान इकाइयों में वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है.

पश्चिम एशिया में तनाव और ऊर्जा संकट
यह संकट 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद शुरू हुआ, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई थी. इस भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण भारत में ईंधन और गैस की आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है. भारत अपनी एलपीजी और प्राकृतिक गैस की जरूरतों के लिए एक बड़े हिस्से में पश्चिम एशिया पर निर्भर है.

सरकार ने लागू किया आवश्यक वस्तु अधिनियम
ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’ लागू कर दिया है. इसके तहत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के वितरण को विनियमित किया जा रहा है. सरकार की प्राथमिकता घरेलू पीएनजी, परिवहन के लिए सीएनजी और घरेलू एलपीजी उत्पादन को बनाए रखना है. तेल कंपनियों ने फिलहाल व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की जारी (Issue) करने पर रोक लगा दी है, हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इससे छूट दी गई है.

IRCTC के निर्देश और यात्रियों पर प्रभाव
IRCTC ने अपने लाइसेंसधारकों को निर्देश दिया है कि वे खाना पकाने के लिए गैस के बजाय बिजली आधारित उपकरणों जैसे इंडक्शन और माइक्रोवेव का उपयोग बढ़ाएं. साथ ही, यात्रियों की मांग पूरी करने के लिए ‘रेडी-टू-ईट’ भोजन का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं. यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो लंबी दूरी की ट्रेनों में पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. ऐसे में यात्रियों को वैकल्पिक रिफंड या अन्य खाद्य सामग्री दी जा सकती है.

घरेलू गैस आपूर्ति पर स्थिति
एलपीजी एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.के. गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है. तेल कंपनियां उत्पादन बढ़ा रही हैं ताकि घरों में रसोई गैस का संकट न हो. हालांकि, सरकार ने सावधानी बरतते हुए घरेलू गैस रिफिल के लिए अब 25 दिनों की अनिवार्य बुकिंग अवधि निर्धारित कर दी है.

Read more

Local News