Saturday, March 14, 2026

बिहार सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भूमि की कमी और बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए ‘छत पर बागवानी योजना’ शुरू की है।

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बिहार सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भूमि की कमी और बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए 'छत पर बागवानी योजना' शुरू की है। यह योजना शहरी निवासियों को अपनी छतों पर सब्जियां उगाने के लिए 75% तक अनुदान प्रदान करती है। इसका उद्देश्य पोषण सुरक्षा बढ़ाना, पर्यावरण की रक्षा करना और अतिरिक्त आय के अवसर पैदा करना है।

पटना। खेती योग्य भूमि में कमी और शहरों में बढ़ती गर्मी की समस्या के समाधान के लिए बिहार सरकार ने ‘छत पर बागवानी योजना’ को गति दी है। इस योजना के तहत शहरी लोग अपनी छत को सब्जी बागान में बदल सकते हैं। सरकार 75 प्रतिशत तक अनुदान देकर इसे आम लोगों के लिए सुलभ बना रही है। इस पहल से पोषण सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और अतिरिक्त आय का मार्ग खुल रहा है। योजना का संचालन कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा किया जा रहा है।

75 प्रतिशत अनुदान की सुविधा

योजना के अंतर्गत 30 गमलों (पौधों सहित) की इकाई की लागत 10 हजार रुपये तय की गई है। वहीं ‘फार्मिंग बेड मॉडल’ की लागत 60 हजार रुपये निर्धारित है। दोनों मॉडलों पर सरकार 75 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। इससे सीमित संसाधनों वाले परिवार भी आसानी से जुड़ सकते हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 428 लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के लिए 3.17 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

इन शहरों में हो रहा क्रियान्वयन

वर्तमान में पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर नगर निगम क्षेत्रों में योजना लागू है। शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के किसान परिवार इसका लाभ उठा सकते हैं।

श्रमिक परिवार, महिलाएं और मध्यम वर्ग भी पात्र हैं। छतों पर हरित आवरण विकसित होने से घरों का तापमान नियंत्रित रहता है। गर्मी में राहत के साथ अर्बन हीट आईलैंड प्रभाव कम करने में मदद मिलती है। यह पहल पर्यावरण संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

महिलाओं और युवाओं के लिए अवसर

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ‘छत बागवानी सेवा-दल’ के माध्यम से सामुदायिक विपणन को बढ़ावा मिलेगा। इससे महिलाओं को नियमित आय के अवसर मिलेंगे।

युवाओं के लिए रूफटॉप गार्डन स्थापना और परामर्श सेवाओं में उद्यमिता की संभावनाएं हैं। ताजा और सुरक्षित सब्ज़ियां घर पर ही उपलब्ध होंगी।
घरेलू खर्च घटेगा और हरित रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

ऐसे करें आवेदन

इच्छुक लाभार्थी अपने नगर निगम क्षेत्र के उद्यान या कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। जिला उद्यान पदाधिकारी से पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी मिलेगी।

सरकार का उद्देश्य हर छत को हरित बनाना है। छत पर बागवानी से शहरों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा। पोषण, पर्यावरण और आय-तीनों को एक साथ बढ़ावा मिलेगा। यह योजना शहरी विकास की नई दिशा तय कर रही है।

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