समस्तीपुर के विभूतिपुर में बिजली के करंट से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई जिसमें एक महिला और एक नाबालिग शामिल हैं। एक चार माह की बच्ची गंभीर रूप से घायल है। घटना तब हुई जब एक व्यक्ति झूलते हुए तार को उठाने की कोशिश कर रहा था। परिजनों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है
विभूतिपुर। थाना क्षेत्र अंतर्गत विभूतिपुर पूरब वार्ड 12 में रविवार की संध्या विद्युत स्पर्श घात से तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि, चार माह की एक दुधमुंही बच्ची गंभीर रुप से जख्मी हो गई।
घटना के बाद किसी तरह विद्युत विच्छेद करते हुए स्वजनों और आसपास के लोगों ने सभी को टेंपो में लादकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र विभूतिपुर लाया। जहां ऑन ड्यूटी चिकित्सक अमरनाथ शर्मा ने तीन को मृत घोषित कर दिया।
मृतक गांव के ही रामाशीष राम की पत्नी शांति देवी (65), इनका पुत्र अरुण राम (40) और अनिल राम का पुत्र अजीत कुमार (16) बताया गया है। चिकित्सक ने बताया कि मृतक अरुण राम और रिंकू देवी की करीब चार माह की पुत्री अंशु कुमारी गंभीर रुप से जख्मी हैं।
इसे बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया है। बताया जाता है कि विगत कई महीने पूर्व से विद्युत तार जमीन से कुछ ऊंचाई पर झूल रहा था। इसकी शिकायत घर वालों ने विद्युत विभाग से की थी। मगर, अनदेखी की गई। रविवार को अरुण राम एक बांस के सहारे विद्युत तार को ऊंचाई पर टांगने गया।
इसी क्रम में विद्युत तार टूट गई और वह करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने पहुंची मां शांति देवी भी करंट की चपेट में आ गई। यह देख चचेरी बहन अंशु को गोद में रखकर खिला रहा अजीत अपनी दादी और चाचा को बचाने चला गया। तभी, चारों विद्युत करंट की चपेट में आ गए। इसके बाद स्वजनों में चीख-पुकार मच गई।
करंट लगने की बात सुनकर आनन-फानन में दौड़ पड़े आसपास के लोगों ने जेई और पावर हाउस को लाइन काटने के लिए फोन किया और स्थल पर पहुंचे। जहां से कोई रिप्लाई नहीं मिलने के बाद किसी तरह विद्युत संबद्ध विच्छेद करते हुए एम्बुलेंस को फोन किया। एम्बुलेंस द्वारा जाम में फंसे होने की बातें कही गई तो टेंपो में लादकर सभी को अस्पताल पहुंचाया गया।
तत्परता दिखाते हुए पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा, एसआई अरशद इमाम अंसारी, एएसआई प्रमोद कुमार दल-बल के साथ अस्पताल परिसर पहुंचे। जहां उन्होंने चिकित्सकों से मरीज की स्थिति की जानकारी ली।
उसके बाद एसआई अरशद इमाम अंसारी और विशाल प्रताप सिंह ने मृतकों का इन्क्वेस्ट दर्ज किया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतकों के शव को पुलिस कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पीड़ित परिवार से लिखित आवेदन अप्राप्त है।
विधायक ने अस्पताल पहुंच हर संभव मदद का दिलाया भरोसा
विद्युत स्पर्श घात से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत और एक दुधमुंही बच्ची के जख्मी होने की घटना की सूचना मिलते ही विधायक अजय कुमार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे।
चिकित्सक अमरनाथ शर्मा, थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा और पीड़ित परिवार के लोगों से घटना की जानकारी ली। स्वजनों द्वारा पूरी जानकारी देने के बाद विधायक ने कहा कि इसमें विद्युत विभाग की लापरवाही सामने आ रही है।
इसलिए स्थल निरीक्षण के लिए थानाध्यक्ष को आदेशित किया। उन्होंने पीड़ित परिवार को इस विपत्ति की घड़ी में साथ खड़ा रहने और हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
स्वजनों का रो-रोकर रहा बुरा हाल
विभूतिपुर पूरब वार्ड 12 में करंट लगने से शांति देवी, अरुण राम व अजीत कुमार की मौत और चार माह की बच्ची अंशु के झुलसने के बाद स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
मृतक अरुण राम की पत्नी को यह मालूम नहीं था कि उसके पति, सास और जाउत दुनियां को अलविदा कह गए। वह चिकित्सकों की सलाह पर अपनी पुत्री अंशु को गोद में लिए स्तनपान कराती रही। बाद में अपने पति के सिर पर हाथ फेरते हुए सीने से लगाई। धड़कन नहीं चलने का आभाष होने पर वह बेसुध हो गई।
मृतक अरुण की बहन सोनी देवी कभी मां, कभी भाई तो कभी भतीजे का हाथ, पांव, बदन, सिर और चेहरे को सहलाते हुए चिखती-चिल्लाती रही। चिकित्सक, पुलिस, गार्ड, स्वास्थ्य कर्मियों व अन्य लोगों से मदद की गुहार लगाते रहे।
ये सदर अस्पताल ले चलने की आरजू-विनती सबसे करती रहीं। वरीय अधिकारी का फोन एसआई अरशद इमाम अंसारी के मोबाइल पर आने व सूचना साझा करने के साथ ये लोग जान पाए कि तीनों की मौत हो गई है।


