
शादी के लिए लड़की देखने यूपी से कैमूर लाए गए तीन लोगों को बदमाशों ने भगवानपुर थाना क्षेत्र के बभनी जंगल में बंधक बना लिया। इसकी सूचना मिलते ही कैमूर पुलिस ने तीनों अपहृत को रविवार की रात बदमाशों के चंगुल से मुक्त करा लिया। मुक्त कराए गए लोगों में उत्तर प्रदेश के हाथरस जिला के जक्शन थाना क्षेत्र के केलुरा निवासी बाल किसुन शर्मा के पुत्र बंटी शर्मा, हाथरस गेट थाना क्षेत्र के सुरंगपुर निवासी भगवान दास कुशवाहा के पुत्र पप्पू कुशवाहा व कोतवाली थाना क्षेत्र के मेंडी गेट पुलिस चौकी हतरस निवासी महेश चन्द्र गुप्ता के पुत्र नरेन्द्र गुप्ता शामिल हैं।
इसकी पुष्टि सोमवार की शाम पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में की। उन्होंने बताया कि पांच घंटों तक बभनी जंगल में छापेमारी अभियान चलाया गया। जंगल में उनकी उपस्थिति का निशान मिलने पर दो घंटों तक घेराबंदी की कार्रवाई की गई। लेकिन, पुलिस के आने की भनक मिलते ही बदमाश तीनों अपहृत को छोड़कर भाग निकले। उन्होंने कहा कि इस कांड का उद्भेदन करनेवाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
बदमाश अपहृत से एक लाख रुपए घर से मंगाने की बात कहने लगे। ऐसा नहीं करने पर उन्हें मारकर किडनी निकालकर बेचने की धमकी दे रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही एसपी ने एसडीपीओ शिवशंकर कुमार, नगर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, भगवानपुर थानाध्यक्ष उदय कुमार, डीआईओ टीम के साथ भारी संख्या में पुलिस अफसरों ने जवानों के साथ छापेमारी शुरू की। इस मामले में यूपी के नरेन्द्र गुप्ता के आवेदन पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
लड़की दिखाने भभुआ लेकर आई थी महिला
नरेंद्र ने अपने आवेदन में लिखा है कि 10 जनवरी को वह अपने गांव के साथी और संबंधी के साथ बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर का दर्शन करने आया था। उसके साथ मनीष वाज्णेय व उसकी मां शशि देवी, पप्पू कुशवाहा और ड्राइवर बंटी थे। बंटी का परिचय कैमूर जिले के कुदरा निवासी जेडी नाम के व्यक्ति से था। जेडी द्वारा माया नाम की एक लड़की को बनारस में मनीष की शादी के लिए भेजा गया था। वह बंटी से मिली और भभुआ में लड़की दिखाने की बात कहकर अपने साथ लेकर आई।



