उन्नाव में एक हादसे के बाद युवती की मौत हो गई। शव दो घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा। हाईवे पार करते समय एक अज्ञात वाहन ने युवती को रौंद दिया। इस दौरान कई वाहन उसके शव को रौंदते रहे। पुलिस का कहना है कि कोहरे के कारण शव दिखाई नहीं दिया। युवती की पहचान शिवानी के रूप में हुई है और वह एक बाइक एजेंसी में रिसेप्शनिस्ट थी।
बहन की मौत के बाद उसकी छह दिन की बेटी को घर लाकर जिस मामा ने पाल पोसकर बड़ा किया, उसका शव सड़क से खुरचकर पोटली में भरा जाता देख उनका कलेजा फट गया। कानपुर-लखनऊ हाईवे पार करते वक्त युवती को रौंदकर वाहन चालक भाग निकला। दो घंटे तक कई वाहन उसके शव को रौंदते रहे। न वाहन चालकों को शव दिखा और न ही हाईवे पर गश्त व पिकेट ड्यूटी पर मौजूद रहने का दावा करने वाली पुलिस की नजर उस पर पड़ी।
पुलिस ने कोहरे के चलते शव दिखाई न पड़ने की बात कही है।25 वर्षीय शिवानी के जन्म के छह दिन बाद उसकी मां गीता की मौत हो गई थी। सोहरामऊ के बजेहरा गांव के मामा तेजनारायण ने उसे बेटी की तरह पाला-पोसा। शिवानी एक बाइक एजेंसी में रिसेप्शन का काम देखती थी।
तेजनारायण के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे शिवानी गांव के सामने हाईवे पार कर रही थी, तभी अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। दोपहर करीब 12 बजे आनलाइन शापिंग कंपनी के वेयर हाउस के मैनेजर पिंटू ने सड़क पर शव देखा तो पुलिस को जानकारी दी।


