Thursday, April 16, 2026

कैसे आता है भूकंप ?

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भूकंप एक ऐसी आपदा है जिसकी भविष्यवाणी संभव नहीं है. यही वजह है कि आज भी भूकंप शोध का विषय बना हुआ है. भूकंप की वजह से धरती की ऊपरी परत में बदलाव होते हैं, हिमालय पर्वत भूकंप का ही परिणाम है. आखिर क्यों भूकंप की भविष्यवाणी संभव नहीं है?

7 जनवरी 2025, मंगलवार की सुबह नौ बजे तिब्बत के डिंगरी इलाके में आए 6.8 तीव्रता के भूकंप की वजह से तिब्बत सहित भारत, नेपाल और भूटान में भी धरती कांपी और लोग दहशत में आए. तिब्बत में भूकंप की तीव्रता इतनी थी कि कई घर क्षतिग्रस्त हो गए. नेपाल से सटे बिहार के कई जिलों में भी भूंकप के झटके महसूस किए गए. प्राकृतिक आपदाओं में से भूकंप ही एक ऐसी आपदा है, जिसका पूर्वानुमान संभव नहीं है. यही वजह है कि आज भी भूकंप की तीव्रता अगर अधिक होती है, तो जान-माल के नुकसान को रोकना असंभव सा हो जाता है.

कैसे आता है भूकंप?

पृथ्वी की सबसे ऊपर परत (क्रस्ट) में मौजूद अधिकांश दरारें अमूमन हिलती नहीं हैं, लेकिन कई बार टेक्टोनिक बल या फोर्स की वजह से दरारों के दोनों तरफ की चट्टानें धीरे-धीरे विकृत होने लती है. जब भूमिगत चट्टान अचानक टूटती है और उसकी गति तेज होती है,तो भूकंप आता है.भूमिगत चट्टानों के टूटने से भूकंपीय तरंगें उत्पन्न होती हैं, जो पृथ्वी की ऊपर यानी क्रस्ट को कंपा देती है. पृथ्वी तबतक कांपती है जबतक कि टूटने वाली चट्टानें हिलती रहती हैं, जब टूट के बाद चट्टानें फिर कहीं पर अटक जाती है, तो धरती का कंपन बंद हो जाता है.

टेक्टोनिक बल पृथ्वी के अंदर उत्पन्न होने वाला बल है, जो पृथ्वी की ऊपर क्रस्ट को टेढ़ा करता है और उसे खंडित करता है या तोड़ता है. यह बल पृथ्वी की क्रस्टल प्लेटों की गति से उत्पन्न होता है. इसकी वजह से भूकंप, पर्वत निर्माण और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी घटनाएं होती हैं. जब भूकंप आता है तो उसका फोकस या हाइपोसेंटर (Hypocenter) उस स्थान को कहते हैं, जहां चट्टान पहली बार टूटती है. एपिसेंटर (Epicenter) धरती का वो हिस्सा होता है, जो फोकस एरिया के ठीक ऊपर होता है

क्या भूकंप का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है?

भूकंप का पूर्वानुमान या भविष्यवाणी संभव नहीं है, क्योंकि यह बता पाना संभव नहीं है कि कब भूमिगत चट्टानें टूटेंगी. वैज्ञानिकों ने यह तो पता कर लिया है कि भूकंप की वजह क्या है, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि भूमिगत चट्टानें कब टूटेंगी.

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