Patna News, 7 November 2026: लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर पटना में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार गंगा घाटों के साथ-साथ वहां तक पहुंचने वाले रास्तों को भी आकर्षक बनाने की पहल की गई है। पटना नगर निगम के कायाकल्प अभियान के तहत घाटों के पहुंच पथ के किनारे बनी दीवारों पर छठ महापर्व और स्वच्छता की थीम पर रंगीन पेंटिंग बनाई जा रही हैं।
इन चित्रों के माध्यम से छठ की पारंपरिक संस्कृति, लोक आस्था और बिहार की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने के साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
कृष्णा घाट से शुरू हुआ दीवारों के सौंदर्यीकरण का काम
इस अभियान की शुरुआत कृष्णा घाट से की गई है। यहां घाट तक जाने वाले रास्तों की दीवारों पर छठ से जुड़े पारंपरिक दृश्य उकेरे जा रहे हैं। इसके बाद गांधी घाट, एनआईटी घाट समेत शहर के अन्य प्रमुख गंगा घाटों के पहुंच पथ को भी इसी तरह सजाने की योजना है।
दीवारों पर बनाई जा रही कलाकृतियों से श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुंचने के दौरान छठ की सांस्कृतिक छटा देखने को मिलेगी। साथ ही सार्वजनिक स्थलों की खूबसूरती भी बढ़ेगी।
छठ की परंपरा के साथ स्वच्छता का संदेश
छठ के दौरान पटना के गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी लोग इस महापर्व में शामिल होने आते हैं। ऐसे में नगर निगम का प्रयास है कि घाटों के साथ-साथ वहां तक पहुंचने वाले रास्ते भी साफ-सुथरे और सुंदर दिखाई दें।
दीवारों पर बनाई जा रही पेंटिंग के जरिए लोगों को सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया जा रहा है। निगम की कोशिश है कि महापर्व के दौरान शहर को साफ रखने में आम लोगों की भागीदारी भी बढ़े।
पटना आर्ट्स कॉलेज के छात्र-छात्राएं दिखा रहे हुनर
इस पहल में शहर के युवाओं और स्थानीय कलाकारों को भी शामिल किया गया है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा की पहल पर पटना आर्ट्स कॉलेज के छात्र-छात्राओं की टीम दीवारों पर चित्रकारी कर रही है।
इससे युवाओं को शहर के सौंदर्यीकरण में योगदान देने का अवसर मिल रहा है। वहीं, उनकी कलाकृतियों के माध्यम से पटना की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
आस्था, कला और स्वच्छता को जोड़ने की पहल
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि छठ महापर्व पटना की पहचान और गौरव से जुड़ा है। नगर निगम का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुंचने से पहले ही शहर की सांस्कृतिक विरासत, स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता और छठ की आत्मीयता का अनुभव हो।
उन्होंने बताया कि इस पहल के जरिए आस्था, कला और स्वच्छता को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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