Patna News, 6 November 2026: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा 22 नवंबर 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को बोर्ड के नए अध्यक्ष और पटना प्रमंडल के आयुक्त राजेश कुमार ने पदभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा की तैयारियों और समिति के प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा की।
बैठक में परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए कई निर्देश दिए गए। हालांकि, लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख को लेकर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
22 नवंबर को होगी लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा
बोर्ड की बैठक में विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई। इसमें 22 नवंबर को परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
अभ्यर्थियों के बीच एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख को लेकर चर्चा है। सामान्य तौर पर परीक्षा से लगभग पांच दिन पहले प्रवेश पत्र जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बोर्ड की ओर से अभी तक एडमिट कार्ड की तारीख या परीक्षा से जुड़े अन्य विस्तृत दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड और परीक्षा संबंधी जानकारी के लिए बिहार बोर्ड की आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखें।
मैट्रिक-इंटर 2027 के छूटे विद्यार्थियों को आवेदन का मौका
बैठक में मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2027 के लिए आवेदन नहीं कर पाने वाले विद्यार्थियों को एक और अवसर देने का फैसला किया गया।
ऐसे विद्यार्थी 7 नवंबर से 17 नवंबर 2026 तक परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे। निर्धारित समय में आवेदन करने से वंचित रह गए विद्यार्थियों के लिए यह अतिरिक्त मौका है।
एक महीने में दूर की जाएंगी परीक्षा व्यवस्था की खामियां
नए अध्यक्ष राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले एक महीने के भीतर परीक्षा संचालन व्यवस्था में मौजूद कमियों को चिह्नित कर उन्हें दूर किया जाए।
पूर्व में आयोजित परीक्षाओं के दौरान सामने आई खामियों और अनियमितताओं की समीक्षा करने को भी कहा गया है। लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा समिति में लंबित सभी मामलों का एक महीने के भीतर निष्पादन करने पर जोर दिया गया।
लंबित मुकदमों और एमजेसी मामलों की होगी समीक्षा
अध्यक्ष ने न्यायालयों में लंबित मुकदमों और एमजेसी (मोदिफिकेशन ऑफ जजमेंट) मामलों की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से इन मामलों के निपटारे में तेजी लाने को कहा, ताकि अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
परीक्षा एजेंसियों की विश्वसनीयता की भी होगी जांच
परीक्षा संचालन और अन्य कार्यों के लिए चयनित एजेंसियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की जाएगी। अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि संबंधित एजेंसियों से एनओसी ली जाए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि वे किसी विभाग या संस्था की ओर से ब्लैकलिस्टेड नहीं हैं।
बोर्ड का उद्देश्य परीक्षा संचालन में पारदर्शिता बनाए रखना और एजेंसियों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है।
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