Friday, November 6, 2026

SIR: दिल्ली, झारखंड समेत 7 राज्यों के मतदाताओं को नाम जुड़वाने का एक और मौका, जानें पूरी प्रक्रिया

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New Delhi News, 6 November 2026: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर रह गए लोगों को अपना नाम दोबारा जुड़वाने का एक और अवसर मिलेगा। भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड में यह व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है।

यह सुविधा उन मतदाताओं के लिए है, जिन्हें गणना फॉर्म (Enumeration Form) जारी किए गए थे, लेकिन अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट (ASDD) के रूप में चिह्नित होने अथवा फॉर्म वापस नहीं मिलने के कारण उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके।

बूथ और निर्वाचन कार्यालयों में प्रदर्शित होगी ASDD सूची

निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार, बूथवार ASDD मतदाताओं की सूची संबंधित मतदान केंद्रों पर दोबारा प्रदर्शित की जाएगी। इसके अलावा पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) एवं पंचायत अधिकारियों के कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर भी सूची लगाई जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी यह सूची पढ़ने योग्य PDF प्रारूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं होने के संभावित कारणों की जानकारी भी होगी।

पुराने वोटर आईडी नंबर से डाउनलोड कर सकेंगे फॉर्म

ऐसे मतदाता अपने वर्तमान सामान्य निवास स्थान से संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) के पास पूरी तरह भरा हुआ गणना फॉर्म जमा कर सकते हैं।

आयोग के अनुसार, संबंधित मतदाताओं के आंशिक रूप से भरे हुए फॉर्म ECINET पोर्टल पर ERO के डैशबोर्ड में दोबारा तैयार किए जाएंगे। मतदाता आयोग की वेबसाइट या ECINET ऐप से भी अपना फॉर्म डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें नाम हटाए जाने से पहले वाला पुराना EPIC यानी वोटर आईडी नंबर दर्ज करना होगा।

BLO घर-घर जाकर करेंगे संपर्क

जिला निर्वाचन अधिकारी और ERO संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से ऐसे मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास करेंगे। जहां संपर्क विवरण उपलब्ध होगा, वहां फॉर्म भौतिक रूप से या व्हाट्सऐप, ई-मेल और SMS के माध्यम से भेजे जा सकेंगे।

BLO राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ समन्वय कर घर-घर संपर्क करेंगे। इसके लिए पड़ोसियों, परिवार के सदस्यों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन से भी जानकारी ली जा सकती है।

जिनका पता नहीं बदला, उन्हें क्या करना होगा?

यदि मतदाता ने अपना निवास स्थान नहीं बदला है, तो वह हस्ताक्षरित और पूरी तरह भरा हुआ गणना फॉर्म संबंधित ERO, AERO या BLO के पास जमा कर सकता है।

इसके साथ एक बयान भी देना होगा, जिसमें यह बताना होगा कि पहले गणना फॉर्म क्यों जमा नहीं हो पाया था। आयोग के निर्देश के अनुसार, यह फॉर्म और बयान संबंधित अधिकारी के पास स्वयं जाकर या परिवार के सदस्य के माध्यम से जमा किया जा सकता है।

इसके अलावा ECINET पर ई-साइन के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

राज्य के भीतर पता बदलने पर फॉर्म-8 की जरूरत नहीं

यदि ASDD के रूप में चिह्नित मतदाता ने उसी राज्य के भीतर अपना निवास स्थान बदल लिया है, तो उसे अलग से फॉर्म-8 जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

ऐसे मतदाता को नए पते और विधानसभा क्षेत्र की जानकारी देते हुए बयान के साथ गणना फॉर्म जमा करना होगा। इसके साथ पते का प्रमाण भी देना होगा। संबंधित दस्तावेज नए विधानसभा क्षेत्र के ERO या AERO के पास जमा किए जा सकते हैं।

मतदाता नए पते वाले बूथ के BLO से भी सहायता ले सकते हैं।

BLO से संपर्क के लिए ऑनलाइन सुविधा

निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए वेबसाइट और ECINET ऐप पर ‘Book a Call with BLO’ विकल्प उपलब्ध कराया है। इसके जरिए मतदाता अपने क्षेत्र के BLO से संपर्क करने के लिए कॉल बुक कर सकते हैं।

आयोग के अनुसार, बेघर लोगों के मामले में यदि उनके पास निवास से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो BLO की ओर से की गई स्थल सत्यापन (Ground Verification) रिपोर्ट को पर्याप्त माना जाएगा।

फॉर्म की जांच के बाद अंतिम सूची में होगा नाम शामिल

वापस प्राप्त सभी गणना फॉर्मों को संबंधित ERO द्वारा मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 21(1) के तहत जांचा और निपटाया जाएगा।

इस दौरान मतदाता की पात्रता, सामान्य निवास स्थान और अन्य आवश्यक विवरणों का सत्यापन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर स्थल पर जाकर भी जांच की जा सकती है।

ERO द्वारा स्वीकार किए गए फॉर्मों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए अलग से सुरक्षित रखा जाएगा। पात्रता की पुष्टि के बाद संबंधित मतदाता को अभियान से पहले वाला पुराना EPIC नंबर वापस दिया जाएगा।

पहले ही फॉर्म-6 जमा कर चुके लोगों को दोबारा आवेदन नहीं

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं ने इसी अभियान के दौरान नया नाम जुड़वाने के लिए पहले ही फॉर्म-6 जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा बयान के साथ गणना फॉर्म जमा करने की जरूरत नहीं होगी। उनके आवेदन पर सामान्य प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश

आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को इन निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा है। इसके लिए सोशल मीडिया, समाचार पत्रों, आधिकारिक वेबसाइटों और स्थानीय भाषाओं के माध्यम का उपयोग किया जाएगा।

बेघर लोगों और जरूरतमंद बस्तियों तक सूचना पहुंचाने के लिए लाउडस्पीकर से मुनादी कराने जैसे उपाय भी किए जा सकते हैं।

निर्वाचन आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को जिला निर्वाचन अधिकारियों, ERO, AERO और BLO को तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है। साथ ही पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया गया है, ताकि पात्र मतदाता अंतिम सूची में नाम जुड़वाने के अवसर से वंचित न रहें और किसी का नाम दो बार दर्ज न हो।

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